श्रेयस अय्यर ने गौतम गंभीर की तारीफ करते हुए कहा है कि कोच की खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संवाद और प्रबंधन करने का तरीका शानदार है।
खिलाड़ियों में भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करते हैं
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मैच से पूर्व संवाददाता सम्मेलन में अय्यर ने कहा, “वह टीम के अंदर काफी भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करते हैं। हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी की स्पष्ट समझ होती है। कोचिंग के लिहाज से ये सभी चीजें बेहद महत्वपूर्ण हैं।”
उन्होंने कहा कि गंभीर का खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संवाद और प्रबंधन करने का तरीका शानदार है। अय्यर के मुताबिक, टूर्नामेंट में आगे बढ़ते हुए प्रत्येक खिलाड़ी के साथ इस तरह का संबंध बेहद जरूरी होगा। अय्यर ने कहा, “हम सभी अपने-अपने तरीके से अलग हैं और आपको किसी खिलाड़ी को समझने की जरूरत होती है। मैंने पहले भी केकेआर में उनके साथ काम किया है, इसलिए मैं निश्चित रूप से समझता हूं कि वह किस तरह सोचते हैं और उनका नजरिया क्या रहने वाला है।”
अपनी कप्तानी की सोच के बारे में अय्यर ने कहा कि वह खिलाड़ियों पर टीम में उनकी भूमिका को लेकर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहते। इसके बजाय वह चाहते हैं कि खिलाड़ी टी20 क्रिकेट की जरूरत के अनुरूप खेल की समझ विकसित करें।
नियंत्रित नहीं किया जा सकता
उन्होंने कहा, “जब आप किसी खिलाड़ी से कहते हैं कि टीम में यही आपकी भूमिका है, तो उस पर काफी दबाव बन जाता है। इसके बजाय अगर आप यह कहें कि टीम को इस खास भूमिका में आपकी जरूरत है, तो खिलाड़ी खुद को टीम के लिए जरूरी और महत्वपूर्ण महसूस करता है।”
चोटों के कारण टीम की योजनाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर अय्यर ने कहा कि लगातार और कड़े क्रिकेट के कारण खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका रहती है। ऐसे में चोट के लिए खिलाड़ियों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह निराशाजनक नहीं है। हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि एक खिलाड़ी लगातार कितने मैच और कितनी तीव्रता के साथ खेल रहा है। ऐसे में चोटिल होने की आशंका रहती है। कोई भी खिलाड़ी जानबूझकर चोटिल होने के बारे में नहीं सोचता। वह टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है और अगर उसी प्रयास का नतीजा नकारात्मक हो जाए तो उसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता।”
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