सीजनल फ्लू, स्वाइन फ्लू और कोविड 19, तीनों के लक्षण काफी मिलते जुलते हो सकते हैं। ऐसे में इनके बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है। जानें लक्षण देखकर कैसे पहचानें और कब सावधान होने की जरूरत है।
सीजनल फ्लू, स्वाइन फ्लू और कोविड 19 मुख्य अंतर
सीजनल फ्लू, स्वाइन फ्लू और कोविड 19 के लक्षण एक जैसे ही लगते हैं, लेकिन इन तीनों में बड़ा अंतर होता है। सबसे मुख्य अंतर तो यही है कि ये तीनों ही अलग-अलग वायरस के कारण होते हैं। सीजनल फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस, आमतौर पर इन्फ्लूएंजा A और इन्फ्लूएंजा B के कारण होता है। वहीं H1N1 (स्वाइन फ्लू) इन्फ्लुएंजा A वायरस का ही एक सबटाइप है, यानी ये भी फ्लू का ही एक प्रकार है। जबकि कोविड-19 SARS-CoV-2 (कोरोना वायरस) के कारण होता है।
सीजनल फ्लू में क्या दिखते हैं लक्षण
सीजनल फ्लू की शुरुआत आमतौर पर अचानक से होती है। आपको एकदम से बुखार, ठंडा लगना, गले में खराश, सिरदर्द, बॉडी में पेन होना और खांसी जैसे लक्षण महसूस होते हैं। ये लक्षण आमतौर पर 5-7 दिनों के लिए बने रह सकते हैं। वहीं कमजोरी और थकान कुछ ज्यादा दिनों तक भी चल सकती है।
सबसे बड़ा रिस्क- प्रेगनेंट महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे, किसी पुरानी या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों में निमोनिया का खतरा भी बना रहता है।
अब स्वाइन फ्लू को समझते हैं
सीजनल फ्लू की तरह ही स्वाइन फ्लू में भी अचानक से तेज बुखार, खांसी जुकाम, सिरदर्द और बॉडी में पेन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। हालांकि यहां एक अंतर दिखता है। कई बार स्वाइन फ्लू में उल्टी, दस्त, भूख ना लगना, पेट से जुड़ी समस्याएं और ज्यादा कमजोरी देखने को मिल सकती है। कुछ लोगों में तेज बुखार की शिकायत भी हो सकती है।
सबसे बड़ा रिस्क- सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
कोविड 19 के ये लक्षण हो सकते हैं अलग
कोविड 19 के लक्षण फ्लू की तुलना में धीरे धीरे विकसित होते हैं। यहां सबसे बड़ा अंतर देखने को मिलता है, स्वाद और स्मेल की क्षमता का जाना। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ होना, छाती पर दवाब पड़ना, सूखी और लगातार खांसी, साथ ही शरीर में दर्द और बुखार जैसी लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं।
सबसे बड़ा रिस्क- गंभीर मामलों में सांस फूलना और सीने पर भारी दवाब पड़ना जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
सिर्फ लक्षणों पर ना करें भरोसा
चूंकि इन तीनों के लक्षण कई बार मिलते-जुलते हो जाते हैं, इसलिए डॉक्टर द्वारा बताए गए टेस्ट करवाना ही सबसे सही तरीका है। अगर आपको लक्षण गंभीर दिख रहे हैं, खासकर सांस लेने में कोई भी तकलीफ हो रही है तो डॉक्टर को दिखाने में देरी ना करें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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