लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट में शामिल हुए कई सितारे सीनियर एक्टर शबाना आजमी और प्रकाश राज 20 जुलाई को जंतर-मंतर में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद से ही कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों में हो रहे प्रोटेस्ट का हिस्सा बन रहे हैं। धुरंधर एक्ट्रेस आएशा खान को मंगलवार को मुंबई के प्रोटेस्ट में शामिल होने के दौरान डीटेन किया गया है, जिसके बाद एक्ट्रेस नाराज नजर आईं। वहीं आमिर खान के भांजे इमरान खान भी प्रोटेस्ट में पहुंचे। टीवी एक्टर सेहबान अजीम प्रोटेस्ट में 2 दोस्तों को बचाते हुए लाठीचार्ज का शिकार हो गए, जिससे उनके हाथ में सूजन आ गई है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। छात्रों पर बात कर रो पड़े सीनियर एक्टर रघुबीर यादव, कहा- दरिंदगी दिखाई गई पंचायत फेम एक्टर रघुबीर यादव ने सोशल मीडिया से एक वीडियो जारी की, जिसमें छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर बात कर वो रो पड़े। उन्होंने कहा- ‘बहुत आहत हूं, यकीन नहीं हो रहा है। जिस तरह मासूम बच्चों को बेरहमी और बेदर्दी से मारा-पीटा गया है, क्या कहूं। नकाबपोशों ने खाकी वर्दी पहनकर किसी की भी शय में बच्चों को मारा है, जो दरिंदगी दिखाई है, पूरी कायनात पूरी सृष्टि इन्हें माफ नहीं करेगी। अब क्या है, पीट लिया, मार लिया, बच्चों का कसूर क्या था। जाइए, अपनी तनख्वाह लेकर, बच्चों को खिलाकर चैन की नींद सो जाइए। जो बच्चे हिम्मत लेकर चल रहे हैं, मेरे जिस्म का कतरा-कतरा उनके साथ है। मैं सैल्यूट करता हूं बच्चों को। जो तुमने हौसला दिखाया, जरूर कामयाब होगे।’ नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- ‘छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदार
एक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर दुख जताया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा, “छात्रों, प्रदर्शन के वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। जब छात्र सिर्फ अपनी मांग रखना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था और अधिकारियों से सवाल पूछता था। इसलिए आपकी बेचैनी, गुस्सा और भविष्य की उम्मीदों को अच्छे से समझता हूं। छात्र प्रदर्शन सबसे ईमानदार प्रदर्शन होता है, क्योंकि वे सिर्फ अपने भविष्य, अधिकार और देश के सुधार के लिए चिंतित होते हैं। मैं दिल से आपका समर्थन करता हूं।” राजनीतिक हस्तक्षेप पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “एक बड़े भाई के नाते कहना चाहता हूं कि जब आपके प्रदर्शन में बाहरी राजनीतिक दल शामिल होने लगते हैं, तो सावधान रहें। उनका मकसद आपका मुद्दा आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपना स्वार्थ पूरा करना होता है। शुरुआत में लगता है कि ज्यादा लोग आने से प्रदर्शन मजबूत होगा, लेकिन ये लोग आपकी आवाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए करने लगते हैं। बाद में मुद्दा आपका नहीं रहता, वे कैमरे और नारे अपने साथ ले जाते हैं। इससे आपकी सच्चाई को नुकसान पहुंचता है। अपना विरोध खुद का रखें, किसी को अपनी आवाज का गलत इस्तेमाल न करने दें।” रत्ना पाठत बोलीं- छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे’
एक्टर नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के बाद उनकी पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा से एकलव्य की कहानी गलत लगती थी कि गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांगकर उसका पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया। अब समझ आ रहा है कि वे किस तरह के गुरु थे। हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से संवाद तक नहीं बना पा रहे। हम चाहते हैं कि छात्र अपना पूरा भविष्य इसलिए कुर्बान कर दें ताकि कुछ लोग अपनी राजनीतिक सत्ता बचा सकें? ये किस तरह के गुरु हैं?” अपनी पीढ़ी की तरफ से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, “हम देख रहे थे कि क्या गलत हो रहा है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से उसे रोक नहीं पाए। इसलिए हमने आपको मार्गदर्शन देने का अधिकार खो दिया है। लेकिन हमारे पास आपका समर्थन करने का संकल्प है। हमें बुलाइए, हम आपके साथ हैं।” सीमा पाहवा ने कहा- ‘चूहों की तरह छिपे हैं बड़े स्टार्स’
एक्ट्रेस सीमा पाहवा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर कर इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीजेपी (CJP) को टैग करते हुए कहा, “मैं इन बच्चों, इनके परिवारों और देश के साथ हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे रुकेगा, क्योंकि इंसानियत खत्म हो चुकी है। इतने सारे लोग अब भी चुप हैं, यह बहुत शर्मनाक है। क्या आपको लगता है कि सरकार खिलाफ हो जाएगी तो काम या पद चला जाएगा? अपनी इंसानियत जगाइए। रोते, तड़पते और पिटते बच्चों को देखिए। क्या आप इसलिए घरों में दुबके हैं ताकि आपके अवॉर्ड्स न रुकें? क्या आप सब कायर हैं? शर्म आनी चाहिए! बाहर निकलिए और छात्रों का साथ दीजिए।” सीमा पाहवा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, “मैं उस महिला की बड़ी प्रशंसक बन गई हूं जो इस उम्र में वहां मार्च कर रही हैं। अगर मुझे अपनी व्यक्तिगत समस्या न होती, तो मैं भागकर जाती और बच्चों के साथ लाठीचार्ज झेलती।” राजकुमार राव की अपील- ‘बातचीत से निकलेगा समाधान’
एक्टर राजकुमार राव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए शांतिपूर्ण बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, “जब युवा महसूस करते हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो यह समाज के लिए याद दिलाने वाली बात है कि उसे सुनना चाहिए। हर आवाज को गरिमा, निष्पक्षता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। साथ ही, शांति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा केवल जख्मों को गहरा करती है और समाधान से दूर ले जाती है। यह बातचीत और सहानुभूति का समय है।” उन्होंने आगे कहा, “छात्रों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और अधिकारियों को सहानुभूति व खुलेपन के साथ सुनना चाहिए। असली और स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बातचीत से आता है। हम सभी देश का विकास चाहते हैं और उसकी नींव निष्पक्ष शिक्षा है।” क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा मामला
देशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद से छात्रों का आक्रोश बढ़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार लागू करना है। सोमवार को संसद घेराव के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
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