अनाया बांगर को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा सामुदायिक महिला क्रिकेट खेलने की परमिशन दिए जाने की खबर सुनते ही दक्षिण अफ्रीका की स्टार क्रिकेटर इससे नाराज हो गई हैं। उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के निर्णय को हास्यास्पद बताया है।
यह हास्यास्पद है, नहीं होना चाहिए
36 वर्षीय कैप दक्षिण अफ्रीका के लिए सभी प्रारूपों में लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं। वे इस घटनाक्रम से बेहद नाराज नजर आ रही हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “बिल्कुल हास्यास्पद, ऐसा नहीं होना चाहिए।” उन्होंने ऑस्ट्रेलिया डेली के अनाया से जुड़ी एक खबर के स्क्रीनशॉट पर यह टिप्पणी की। उन्होंने डब्ल्यूबीबीएल को भी टैग किया।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने शर्तों के साथ क्रिकेट खेलने की दी है अनुमति
बता दें कि अनाया ने इस साल की शुरुआत में जननांग सर्जरी करवाकर ट्रांसजेंडर महिला का दर्जा हासिल किया था। उन्होंने कुछ दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में अपने प्रशंसकों को इस बारे में बताया कि उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सामुदायिक क्रिकेट खेलने की अनुमति दे दी है। 25 वर्षीय अनाया ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत खुशी का दिन है, खासकर यह जानकर कि मैं क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की बदौलत मुझे एक और मौका मिला है।”
अनाया ने बीसीसीआई से भी इसी तरह का अनुरोध किया था, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया। अनाया के अनुरोध का जवाब देते हुए, सीए की अखंडता प्रमुख जैकी पार्ट्रिज ने लिखा: “मार्च 2027 तक, आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पात्र हैं।” आगे लिखा- “उस तिथि (मार्च 2027) से एलीट क्रिकेट के लिए आपकी पात्रता इस शर्त पर निर्भर है कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट दें, जिससे यह पुष्टि हो सके कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन की सांद्रता 10 nmol/L से कम बनी हुई है और आप नीति की पात्रता आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।”
बीसीसीआई कर रहा विचार, आईसीसी की मनाही
अनाया के पिता पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर हैं। सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ अंडर-19 क्रिकेट खेल चुकी हैं। सर्जरी कराने के बाद उन्होंने बीसीसीआई से भी महिला क्रिकेट खेलने के लिए आवेदन किया था। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बोर्ड इस मामले में क्या कर रहा है। अधिकारी ने कहा, “आईसीसी के मामले में उन्होंने साफ मना कर दिया है। बीसीसीआई को अभी यह तय करना है कि ऐसे मामलों में क्या किया जा सकता है। चूंकि यह पहली बार है जब ऐसा मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी तक कोई रुख नहीं अपनाया है।
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