एस 400 खरीद को मिली मंजूरी
दरअसल, भारत के डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह की अगुवाई वाले रक्षा खरीद बोर्ड ने भारतीय वायुसेना के एस400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद वाले प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है. अब यह प्रस्ताव अब डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल यानी रक्षा खरीद परिषद (DAC) के पास एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (AoN) के लिए जाएगा. यहां बताना जरूरी है कि भारत के पास अभी 3 एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम है. इसका इस्तेमाल भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी मिसाइलों को रोकने के लिए किया था.
नए सिरे से होगी एस-400 की डील
जब रक्षा खरीद परिषद से मंजूरी मिल जाएगी तो फाइनेंस मिनिस्ट्री के जरिए कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मामले को फाइनल ग्रीन सिग्नल मिलेगी. हालांकि, उससे पहले रूस संग इस एस 400 को खरीदने के लिए कीमत तय करने के लिए कॉस्ट नेगोशिएशन कमिटी बनाई जाएगी. पहले की डील में अभी 3 एस400 मिल चुके हैं और इस साल दो और मिल जाएंगे.
पाकिस्तान देख चुका है जलवा
रूसी एस400 ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहुत अच्छा काम किया. इसने पाकिस्तान से आने वाली मिसाइलों का चूरन बना दिया. मुनीर और शहबाज शरीफ के सपने को इसने ही चकनाचूर किया था. अब रूस से 5 और एस400 खरीदने का मतलब है कि भारत एक तरह से मुनीर का काल ला रहा है.
एस-400 मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी
इससे पहले भारत ने एस-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी थी. पिछले महीने ही डीएसी यानी डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने 288 एस-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी थी. इसमें 120 शॉर्ट-रेंज और 168 लॉन्ग-रेंज मिसाइलें शामिल हैं. इसकी लागत ₹10,000 करोड़ है और फास्ट ट्रैक प्रोसीजर से जल्दी डिलीवरी होगी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन मिसाइलों का यूज हुआ था. इसमें कुछ खर्च हो गए थे. इसकी पूर्ति के लिए ही भारत ने यह कदम उठाया है. एस-400 मिसाइल ने पाकिस्तानी फाइटर जेट्स, अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट और आर्म्ड ड्रोन्स को रोका था.
प्वाइंट्स में जानिए एस-400 से जुड़ी खास बातें
- भारत के पास अब तक तीन एस-400 सिस्टम हैं.
- बाकी दो एस 400 इस साल जून और नवंबर 2026 में मिल जाएंगे.
- इंडियन एयर फोर्स पांच और एस-400 सिस्टम्स चाहती है.
- इसके लिए ही अब खरीद प्रक्रिया शुरू होगी, जिसकी पहली मंजूरी मिल गई है.
- पिछले महीने 288 एस-400 मिसाइलों की भी डील हुई है.
क्यों अहम है यह मंजूरी?
भारत का पांच और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना बहुत जरूरी है. मिडिल ईस्ट से लेकर अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर के हालात से भारत वाकिफ है. हर ओर युद्ध छिड़ा है. अभी के मौजूदा वक्त में टाइमिंग और डिप्लोमेसी के लिहाज से यह डील अपने आप में बेहद अहम है. चाहे कोई भी डील हो भारत ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पहले. ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 ने कई पाकिस्तानी विमान गिराए, जिससे इस्लामाबाद को तगड़ा झटका लगा. भविष्य में कोई नहीं जानता कि कब पाकिस्तान या कोई अन्य दुश्मन भारत के खिलाफ अटैक की सोच ले. ऐसे में भारत अभी से ही अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत रखेगा, ताकि दुश्मन की मिसाइलें यहां न आ सके.
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