रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ के नए सीजन में बड़ा बदलाव हुआ है। अश्नीर ग्रोवर की जगह अब होस्ट की कुर्सी पर स्टार क्रिकेटर की एंट्री हुई है।
किसने संभाली होस्ट की कुर्सी?
शुक्रवार को प्राइम वीडियो ने ‘राइज एंड फॉल’ सीजन 2 की पहली झलक दिखाई। सामने आए पोस्टर में वीरेंद्र सहवाग पेंटहाउस का दरवाजा खोलते नजर आ रहे हैं। वहीं प्रोमो की शुरुआत में वीरेंद्र सहवाग अपनी जिंदगी के उतार-चढ़ाव पर मजेदार अंदाज में बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं।
क्या बोल रहे हैं लोग?
अश्नीर की जगह वीरेंद्र के होस्ट बनने पर लोगों के काफी पॉजिटिव रिएक्शंस आ रहे हैं। एक ने कमेंट में लिखा, ‘अश्नीर से कहीं बेहतर हैं विरू।’ दूसरे ने लिखा, ‘विरू सर, आप किस लाइन में आ गए, हाहाहा।’ तीसरे ने कमेंट कर लिखा, ‘होस्ट के तौर पर विरू? यह दिलचस्प है।’
वीरेंद्र सहवाग का बयान
वहीं वीरेंद्र सहवाग ने बतौर होस्ट अपनी नई पारी शुरू करने पर कहा, ‘क्रिकेट का एक बड़ा सबक है—जब तक आखिरी गेंद न फिक जाए, जीत का दावा नहीं किया जा सकता। राइज एंड फॉल सीजन 2 इसी अनिश्चितता और रोमांच को बिल्कुल नए स्तर पर ले जाता है। एक होस्ट के तौर पर इस शो का जो पहलू मुझे सबसे ज्यादा रोमांचित करता है, वह है इसका अनप्रेडिक्टेबल नेचर है।’
वीरेंद्र सहवाग ने आगे कहा, ‘यहां न तो जीत आसानी से मिलती है और न ही कोई पद स्थायी होता है। असली चुनौती सिर्फ शिखर तक पहुंचने की नहीं, बल्कि वहां खुद को बनाए रखने की है। आपको बखूबी पता होना चाहिए कि कब हमला करना है, कब अपना बचाव करना है और सबसे अहम इससे पहले कि खेल आपको पढ़े, आपको खेल को समझ लेना है। पैसे, रणनीति और हर पल बदलते समीकरणों की इस बाजी में एक छोटी-सी लापरवाही भी सबकुछ तबाह कर सकती है। मैं यह देखने के लिए बेहद उत्सुक हूं कि खिलाड़ी किस तरह जोखिम उठाते हैं, नए गठबंधन बुनते हैं और इस मुकाबले में अपनी छाप छोड़ते हैं।’
‘राइज एंड फॉल’ सीजन 2 के बारे में
पेंटहाउस और बेसमेंट की दो अलग-अलग दुनियाओं पर आधारित इस गेम में 15 सेलेब्रिटीज को दो हिस्सों में, ‘रूलर्स’ और ‘वर्कर्स’, में बांटा जाता है। जहां एक तरफ रूलर्स पेंटहाउस की तमाम सुख-सुविधाओं का लुत्फ उठाते हैं, वहीं दूसरी तरफ वर्कर्स को बेसमेंट की कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस खेल में हर फैसला, गठबंधन और चाल पासा पलट सकती है। जैसे-जैसे पैसा और प्रभाव दांव पर लगता है, कंटेस्टेंट्स के लिए अपनी रणनीति, सूझ-बूझ और खेल को सही समय पर समझ पाने की काबिलियत ही आगे बढ़ने का एकमात्र जरिया बनती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.