कनाडा के ब्रैम्पटन में 2 लाख डॉलर (1.81 करोड़) की फिरौती के लिए एक व्यक्ति के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पील रीजनल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को सुरक्षित बचाया और दो भारतीय नागरिकों, हरकिरत और अमृतपाल को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनके पास से लोडेड पिस्टल और मैगजीन बरामद की है. फिलहाल तीसरा आरोपी हसनप्रीत फरार है। पुलिस आरोपियों के किसी बड़े आपराधिक गैंग से जुड़े होने की गहन जांच कर रही है.
पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है.
2 लाख अमेरिकी डॉलर की मांगी थी फिरौती
कनाडा पुलिस के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह पूरी घटना नवंबर 2025 में शुरू हुई थी. 6 नवंबर की शाम करीब 6 बजे पुलिस को एक कॉल मिली. कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसके दोस्त का अपहरण कर लिया गया है. आरोपियों ने पीड़ित को छोड़ने के बदले 2 लाख अमेरिकी डॉलर (1.81 करोड़) की मोटी रकम मांगी थी. किडनैपर्स ने धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं मिले तो वे पीड़ित को जान से मार देंगे. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्पेशल टीमें गठित कीं.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
पील रीजनल पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस किया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को सुरक्षित स्थान से बरामद कर लिया. गनीमत यह रही कि पीड़ित को कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं आई. मौके से पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा और उसके पास से एक .45 कैलिबर की पिस्टल भी बरामद की गई.
छापेमारी में मिले घातक हथियार
इस मामले की जांच यहीं नहीं रुकी. पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए 13 फरवरी 2026 को ब्रैम्पटन के दो अलग-अलग ठिकानों पर सर्च वारंट के साथ छापेमारी की. इस दौरान जांच टीम को कई आपत्तिजनक सबूत मिले.
· एक लोडेड प्रतिबंधित फायरआर्म मैगज़ीन बरामद हुई.
· एक अनलोडेड राइफल मैगज़ीन भी पुलिस के हाथ लगी.
· मामले से जुड़े कई अन्य डिजिटल सबूत इकट्ठा किए गए.
गैंग एंगल की हो रही है जांच
कनाडा में हाल के दिनों में भारतीय मूल के लोगों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये युवक केवल पैसों के लिए यह काम कर रहे थे या वे किसी संगठित गिरोह (Organized Crime) के इशारे पर काम कर रहे थे. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से प्रवासी समुदाय में डर का माहौल पैदा हो रहा है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
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