जी हां, नासा वैज्ञानिक ने खुद माना है कि धरती पर खतरा मंडरा रहा है. नासा के डिटेक्शन रडार से हजारों सिटी किलर एस्टोरॉयड अब भी गायब हैं. नासा (NASA) के प्लैनेटरी डिफेंस के हेड ने कहा है कि साइंटिस्ट को अभी भी हजारों संभावित विनाशकारी ‘सिटी-किलर’ एस्टेरॉयड की लोकेशन का पता नहीं है. फीनिक्स में अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस कॉन्फ्रेंस में डॉ. केली फास्ट ने कहा कि लगभग 15000 मीडियम साइज के नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट की पहचान अभी बाकी है. केली फास्ट ने कहा कि आबादी वाले इलाके में इनमें से किसी एक ऑब्जेक्ट के टकराने से इलाके में बड़ी तबाही हो सकती है. ये नियर अर्थ ऑब्जेक्ट कम से कम 140 मीटर चौड़े हैं.
द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केली फास्ट कहा, ‘असल में वे एस्टेरॉयड हैं, जिनके बारे में हमें नहीं पता. हम फिल्मों में दिखाए गए बड़े एस्टेरॉयड के बारे में ज़्यादा परेशान नहीं हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि वे कहां हैं. और छोटी-मोटी चीजें हर समय हम पर हमला कर रही हैं. मैं इसके बारे में ज़्यादा परेशान नहीं हूं. उन्होंने आगे कहा, ‘बीच के आकार वाले इलाके में नुकसान पहुंचा सकते हैं. शायद दुनिया भर में नुकसान न हो, लेकिन वे सच में नुकसान पहुंचा सकते हैं…और हमें नहीं पता कि वे सब कहां हैं. यह ऐसी चीज़ नहीं है, जिसे आप दुनिया के सबसे अच्छे टेलिस्कोप से भी ढूंढ सकें.’
क्यों है डरने वाली बात
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की डॉ. नैन्सी चैबोट ने चेतावनी दी कि फिलहाल कोई ऐसा एयरक्राफ्ट यानी अंतरिक्ष यान तैयार नहीं है जो खतरे वाले एस्टेरॉयड यानी क्षुद्रग्रह को डिफ्लेस्ट कर सकते यानी उसकी दिशा दिशा बदल सके. DART यानी डबल एस्ट्रॉयड रिडायरेक्शन टेस्ट मिशन में एक विशेष अंतरिक्ष यान को 14000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से डिमॉर्फोस नामक मिनी-मून में टकराया गया था ताकि उसकी कक्षा बदल सके. नैन्सी चैबोट ने NASA के डबल एस्ट्रॉयड रिडायरेक्शन टेस्ट (DART) का नेतृत्व किया.
नैन्सी चोबोट ने कहा, “DART एक शानदार प्रदर्शन था. लेकिन हमारे पास कोई दूसरा यान तैयार नहीं है जिसे तुरंत इस्तेमाल किया जा सके अगर कोई खतरा सामने आए. उन्होंने आगे कहा, ‘अगर YR4 जैसा कोई क्षुद्रग्रह पृथ्वी की ओर आ रहा होता, तो हमारे पास उसे सक्रिय रूप से दिशा बदलने का कोई तरीका नहीं होता… हम इस खतरे के लिए तैयार हो सकते हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस दिशा में निवेश हो रहा है.’
पिछले साल भी टला था खतरा
पिछले साल चिंता तब बढ़ गई जब YR4 नामक क्षुद्रग्रह क्रिसमस डे 2024 को पृथ्वी के पास से गुजरने के बाद पहचाना गया. वह एस्टोरॉयड फुटबॉल मैदान के आकार का था. हालांकि बाद में गणनाओं से 2032 में टकराव की संभावना को खारिज कर दिया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना डिटेक्शन प्रयासों में कमी को उजागर करती है. NASA का आगामी नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट सर्वेयर स्पेस टेलीस्कोप, जो अगले साल लॉन्च होने की उम्मीद है, इस रिकॉर्ड को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखता है. फिलहाल एजेंसी ने 140 मीटर से बड़े सिर्फ करीब 40 प्रतिशत क्षुद्रग्रहों की पहचान की है.
ये ‘सिटी किलर’ क्षुद्रग्रह क्या हैं?
नासा के मुताबिक, पृथ्वी के पास आने वाले क्षुद्रग्रहों जिन्हें नीयर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स या NEO कहते हैं में से करीब 15000 मध्यम आकार के हैं. इनका व्यास कम से कम 140 मीटर होता है. यानी एक फुटबॉल मैदान जितने बड़े. अगर ऐसा कोई पिंड किसी आबादी वाले इलाके पर गिरे, तो सैकड़ों किलोमीटर तक आग, बाढ़ और धमाके फैल सकते हैं. राहत की बात बस ये है कि ये पूरी दुनिया को नष्ट करने वाले डायनासोर जैसे विशाल पिंड नहीं हैं. नासा ने अभी तक इनमें से केवल 40 प्रतिशत को ही ढूंढा है. बाकी 60 प्रतिशत कहां हैं? ये हमारी ट्रैकिंग रडार (खोजी सिस्टम) से गायब हैं.
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