हवाई यात्रा करने वालों के लिए जुलाई की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया ने अपनी लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगने वाले ईंधन अधिभार में कटौती कर दी है। यह फैसला कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ हद तक स्थिरता आने के बाद लिया गया है। इसके साथ ही एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पश्चिम एशिया के सभी प्रमुख गंतव्यों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं भी पूरी तरह बहाल करने की घोषणा की है।
बता दें कि हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की स्थिति बनने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है। इसका असर विमान ईंधन की लागत पर भी पड़ा है। इसी के चलते एयर इंडिया ने अपने यात्रियों को राहत देते हुए ईंधन अधिभार में कमी की है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली एयर इंडिया की उड़ानों पर पहले 280 अमेरिकी डॉलर तक ईंधन अधिभार लिया जा रहा था। अब इसे घटाकर 200 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। इसी तरह ब्रिटेन और यूरोप जाने वाली उड़ानों पर पहले 205 अमेरिकी डॉलर का ईंधन अधिभार लागू था, जिसे अब कम करके 125 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। यात्रा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव 1 जुलाई से लागू हो चुका है और टिकट बुकिंग में इसका असर दिखाई देने लगा है।
गौरतलब है कि एयर इंडिया भारत की एकमात्र विमान सेवा कंपनी है जो उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए सीधी उड़ानों का संचालन करती है। हालांकि पिछले करीब 14 महीनों से पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद रहने के कारण एयर इंडिया की लंबी दूरी की उड़ानों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर पाने के कारण उड़ानों का मार्ग लंबा हो गया है, जिससे ईंधन की खपत और परिचालन लागत दोनों बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र खुल जाता, तो एयर इंडिया अपनी लंबी दूरी की उड़ानों की संख्या बढ़ाने और किरायों में अधिक राहत देने की स्थिति में हो सकती थी। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में कंपनी को संचालन लागत और व्यावसायिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना पड़ रहा है।
बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष में एयर इंडिया को कई कारणों से रिकॉर्ड स्तर का घाटा हुआ था। लंबी दूरी की उड़ानों की बढ़ी लागत भी इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इसी के चलते टाटा समूह ने फिलहाल एयर इंडिया के विस्तार की गति धीमी रखने का फैसला किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी में जल्द ही नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति भी हो सकती है, क्योंकि मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन जल्द पद छोड़ने वाले हैं।
इस बीच एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी यात्रियों के लिए अच्छी खबर दी है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसने पश्चिम एशिया के सभी गंतव्यों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं। इसके तहत कोझिकोड से सलालाह के बीच उड़ानें 2 जुलाई से फिर शुरू हो गई हैं। वहीं कोझिकोड से कुवैत के लिए सेवाएं 3 जुलाई से बहाल की जाएंगी। इसके अलावा बेंगलुरु से कुवैत के लिए उड़ानें 4 जुलाई से शुरू होंगी और आने वाले दिनों में इन मार्गों पर उड़ानों की संख्या भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन अधिभार में कमी और पश्चिम एशिया के मार्गों पर उड़ानों की बहाली से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को राहत मिलेगी। साथ ही पर्यटन, व्यापार और प्रवासी भारतीयों की आवाजाही भी पहले की तुलना में अधिक आसान होने की उम्मीद है।
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