Last Updated:
Rajasthani Style Matka Kulfi Recipe: गर्मी के मौसम में ठंडी कुल्फी खाने का अलग ही आनंद होता है. खासतौर पर राजस्थानी मटका कुल्फी अपने गाढ़े और देसी स्वाद के लिए काफी लोकप्रिय है. इसे बनाने के लिए दूध, मावा, कस्टर्ड पाउडर, शक्कर और सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जाता है. पहले दूध को मेवों के साथ पकाकर गाढ़ा किया जाता है, फिर मावा और कस्टर्ड मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद इसे मटकियों में भरकर फ्रिज में जमाया जाता है. कुछ घंटों बाद स्वादिष्ट और मलाईदार मटका कुल्फी तैयार हो जाती है.
राजस्थान में मार्च का महीना शुरू होते ही गर्मी अपना प्रकोप दिखने लग गई है. ऐसे में दोपहर की तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से लोग ठंडी और स्वादिष्ट चीजे ज्यादा पसंद करने लगे हैं. ऐसे मौसम में गर्मी से राहत देने और गले को ठंडक पहुंचाने में जो सबसे ज्यादा पसंद की जाती है वह है कुल्फी. ठंडी, मलाईदार और मीठे स्वाद वाली कुल्फी गर्मी से राहत देने के साथ-साथ मन को भी ताजगी देती है. आज की रेसिपी स्पेशल इस खबर में हम आपको घर पर राजस्थानी तरीके की कुल्फी बनाने के बारे में बताएंगे.

फूड ब्लॉगर रीना वर्मा ने बताया कि राजस्थानी मटका कुल्फी अपने खास देसी अंदाज और गाढ़े स्वाद के कारण काफी फेमस मानी जाती है. इसमें दूध, मावा और सूखे मेवों का उपयोग किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी रिच और लाजवाब बन जाता है. मटकी में जमाई गई कुल्फी की खुशबू और स्वाद दोनों ही अलग मजा देती है. इस कुल्फी की खासियत यह होती कि यह केमिकल व मिलावट फ्री होती है. इसे घर पर भी बेहद आसान तरीके से कम समय और कम मेहनत में बनाया जा सकता है. तो आईए जानते हैं राजस्थानी मटका कुल्फी बनाने की रेसिपी.

फूड ब्लॉगर ने बताया की राजस्थानी मटका कुल्फी बनाने के लिए 1 किलो दूध, 250 ग्राम मावा, कटे हुए बादाम 1 बड़ा चम्मच, कटे हुए काजू 1 बड़ा चम्मच, किशमिश 1 बड़ा चम्मच, हरी इलायची पाउडर आधा छोटा चम्मच, कस्टर्ड पाउडर 4 छोटे चम्मच और शक्कर आधा कप लेना है. ये सभी सामग्री कुल्फी को गाढ़ा, मलाईदार और खुशबूदार बनाती हैं. सूखे मेवे कुल्फी में क्रंच और स्वाद बढ़ाते हैं, जबकि इलायची इसकी खुशबू को और भी खास बना देती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

राजस्थानी स्टाइल में कुल्फी बनाने के लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में दूध डालकर उसमें शक्कर मिलाएं और मध्यम आंच पर उबालने के लिए रखें. जब दूध अच्छी तरह गर्म होने लगे तो इसमें कटे हुए बादाम, काजू और किशमिश डाल दें. दूध को लगभग 15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं और बीच-बीच में चम्मच से चलाते रहें ताकि दूध नीचे से जले नहीं. इससे दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगेगा और मेवों का स्वाद भी इसमें अच्छी तरह मिल जाएगा.

अब उबलते हुए दूध में से दो बड़े चम्मच दूध निकालकर एक कटोरी में रखें और उसमें कस्टर्ड पाउडर डालकर अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद बर्तन में उबल रहे दूध में मावा डालें और कुछ मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं. इससे दूध और मावा मिलकर एक गाढ़ा मिश्रण तैयार करेंगे. अब धीरे-धीरे कस्टर्ड का घोल दूध में मिलाएं और लगातार चलाते रहें ताकि इसमें किसी प्रकार की गुठलियां न बनने पाए.

जब मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो इसे लगभग पांच मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें और ठंडा होने के लिए रख दें. हल्का ठंडा होने के बाद इस मिश्रण को मिक्सर में एक बार चला लें ताकि यह और भी स्मूद हो जाए. अब इसे छोटी-छोटी मटकियों में भर दें. मटकियों को फ्रिज में 4 से 5 घंटे के लिए जमने रखें. जमने के बाद ठंडी-ठंडी स्वादिष्ट राजस्थानी मटका कुल्फी तैयार हो जाती है. इसे परिवार या फिर घर आए मेहमानों के साथ खाने का मजा सकते हैं.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.