Last Updated:
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की टोपी लाल किले के म्यूजियम से गायब. परपोते चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है. साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस टोपी को स्वीकार करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूरे बोस परिवार का आभार जताया था और इसे लाल किले परिसर में स्थित क्रांति मंदिर की प्रदर्शनी में रखे जाने की जानकारी दी थी.
लाल किले परिसर में स्थित क्रांति मंदिर की प्रदर्शनी में ‘नेताजी’ की टोपी को पीएम मोदी ने रखा था.
नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते ने सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला दावा किया है और इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर बताया है कि नेताजी की जो टोपी उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपी थी और वह लाल किले में मौजूद म्यूजियम में रखी गई थी, वह गायब है. उन्होंने पीएम मोदी से इस मामले को देखने की अपील की है.
चंद्र कुमार ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपको याद होगा कि मैं, मेरे परिवार के सदस्य, हमारे मित्र सुपर्णो सत्पथी और ‘द ओपन प्लेटफॉर्म फॉर नेताजी’ (ओपीएन) के कई अन्य लोगों ने मिलकर नेताजी की टोपी आपको सौंपी थी. आपने उसे 23 जनवरी 2019 को नेताजी जयंती (भारत के देशभक्त दिवस) के अवसर पर दिल्ली के लाल किले स्थित नेताजी संग्रहालय में स्वयं समर्पित की थी.
पोस्ट में आगे लिखा है कि हाल ही में ओपीएन के सदस्य एडवोकेट नवीन बामेल ने उस संग्रहालय का दौरा किया, जहां उन्हें पता चला कि नेताजी की वह टोपी वहां से गायब है. एएसआई में किसी को भी यह नहीं पता कि वह कहां है. नेताजी हमारे सबसे महान नेताओं में से एक हैं, और यह स्थिति बेहद शर्मनाक है. कृपया इस मामले को देखने की कृपा करें.
बता दें कि साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस टोपी को स्वीकार करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूरे बोस परिवार का आभार जताया था और इसे लाल किले परिसर में स्थित क्रांति मंदिर की प्रदर्शनी में रखे जाने की जानकारी दी थी.
प्रधानमंत्री ने फोटो शेयर कर लिखा था कि मैं बोस परिवार का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे नेताजी बोस द्वारा पहनी गई टोपी भेंट की. टोपी को तुरंत लाल किले परिसर में स्थित क्रांति मंदिर की प्रदर्शनी दीर्घा में रख दिया गया है. मुझे आशा है कि अधिक से अधिक युवा क्रांति मंदिर आएंगे और नेताजी बोस के जीवन से प्रेरणा लेंगे.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.