Jamshedpur Sandwich Idli: जमशेदपुर में आजकल लोगों को सिंपल इडली और डोसे से ज्यादा सैंडविच इडली पसंद आ रही है. मात्र 15 रुपये में इसका टेस्ट लिया जा सकता है और स्वाद ऐसा होता है कि पेट-मन दोनों भर जाते हैं. इस स्टॉल पर फूडीज की भीड़ लगी रहती है.
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यह स्टॉल बन गया है लोगों के जीवन का हिस्सा
कोऑपरेटिव कॉलेज के ठीक सामने स्थित दोसा कॉर्नर, जिसे पुष्पा बालमुचू संचालित करती हैं, इन दिनों शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. सुबह से ही यहां स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. वजह सिर्फ डोसा या साधारण इडली नहीं, बल्कि यहां मिलने वाली खास सैंडविच इडली है. कई छात्र क्लास से पहले और बाद में यहां आकर इसे खाना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं.
सबसे ज्यादा डिमांड इसकी
पुष्पा जी बताती हैं कि शुरुआत में वे सामान्य इडली-डोसा ही बनाती थीं, लेकिन बच्चों की डिमांड और कुछ नया देने की सोच ने उन्हें प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया. इसी कोशिश में उन्होंने साउथ इंडियन स्वाद को देसी अंदाज के साथ मिलाकर सैंडविच इडली तैयार की. आज स्थिति यह है कि यहां डोसा और साधारण इडली से ज्यादा मांग इसी की रहती है.
बनाना बहुत आसान
सैंडविच इडली बनाने की प्रक्रिया भी दिलचस्प है. सबसे पहले मुलायम इडली को बीच से काटा जाता है. फिर उसके अंदर चना दाल की चटनी, हल्का नमक और मसालेदार आलू का मसला भरा जाता है.
इसके बाद ऊपर से बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और ताजी कद्दूकस की हुई गाजर डाली जाती है. तैयार इडली को सांभर और नारियल चटनी के साथ परोसा जाता है. स्वाद ऐसा कि पहली बाइट लेते ही सामान्य इडली की परिभाषा बदल जाती है.
कीमत भी मुफीद
सबसे खास बात इसकी कीमत है. मात्र 15 रुपये प्रति पीस में मिलने वाली यह सैंडविच इडली छात्रों की जेब पर भारी नहीं पड़ती, इसलिए यहां हर समय भीड़ लगी रहती है. कम कीमत, अलग स्वाद और घर जैसा एहसास — यही वजह है कि दोसा कॉर्नर आज कोऑपरेटिव कॉलेज इलाके की पहचान बन चुका है.
जमशेदपुर में खाने के कई मशहूर ठिकाने हैं, लेकिन यह छोटा सा स्टॉल साबित करता है कि स्वाद बड़े रेस्टोरेंट का मोहताज नहीं होता. अगर आप कोऑपरेटिव कॉलेज के आसपास जाएं, तो एक बार सैंडविच इडली जरूर चखें. हो सकता है यह आपके पसंदीदा नाश्ते की सूची में स्थायी जगह बना ले.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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