Nalanda Famous Peda: जिस प्रकार सिलाव के खाजा की धूम बिहार से बाहर तक है, उसी प्रकार अब निश्चलगंज का पेड़ा बाजार हथिया रहा है. ये लोगों की जुबान पर इस कदर चढ़ा है कि देश के साथ-साथ यूएसए और यूएई जैसी विदेशी धरती पर भी इसकी सप्लाई हो रही है.
40 से अधिक दुकानों में हो रहा है निर्माण कार्य
निश्चलगंज में करीब 40 से अधिक पेड़ा दुकानदार वर्षों से इस कारोबार से जुड़े हैं. यहां रोज हजारों लीटर दूध से पारंपरिक तरीके से आग पर सूखा खोया तैयार किया जाता है. इसके बाद उसी खोया से पेड़ा बनाकर बाजार में भेजा जाता है. दुकानदार बताते हैं कि यहां का पेड़ा दिल्ली, अजमेर, कोलकाता, राजगीर और पलामू जैसे शहरों तक भेजा जाता है. वहीं विदेशों में रहने वाले लोग भी इसे मंगाते हैं, जिससे अमेरिका और सऊदी अरब तक इसकी सप्लाई हो रही है.
सिलाव का खाजा तो निश्चलगंज का पेड़ा है ब्रांड
पेड़ा दुकानदार अश्वनी कुमार बताते हैं कि निश्चलगंज का पेड़ा उनकी पहचान और शान है. उनका कहना है कि जब राजगीर आने वाले विदेशी पर्यटक इस इलाके से गुजरते हैं तो यहां रुककर पेड़ा जरूर खरीदते हैं. कई लोग इसे अपने देश तक ले जाते हैं, जिससे इसकी मांग विदेशों में भी बढ़ी है. वहीं दुकानदार शंकर कुमार गुप्ता बताते हैं कि जिस तरह सिलाव का खाजा पूरे बिहार में मशहूर है, उसी तरह अब निश्चलगंज का पेड़ा भी अपनी पहचान बना रहा है. उनका कहना है कि स्वाद और शुद्धता की वजह से लोग बार-बार इसे खरीदते हैं.
धीरे-धीरे बन रहा ब्रांड
स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ा कारोबार से दर्जनों परिवारों की रोजी-रोटी चल रही है. अगर इस मिठाई को सरकारी स्तर पर ब्रांडिंग और प्रचार मिले तो यह नालंदा जिले की पहचान को और मजबूत कर सकता है. निश्चलगंज का पेड़ा अब सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि इलाके की पहचान और लोगों की मेहनत का प्रतीक बन चुका है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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