सावन में शिव पूजा के दौरान रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई सवाल मन में आते हैं। शिवजी को भांग और गांजा चढ़ाना सही है या यह सिर्फ परंपरा है? नहाते, जिम करते या गाड़ी चलाते समय नमः शिवाय का जप कर सकते हैं? गंगाजल न हो तो क्या बोतलबंद पानी से शिवलिंग का अभिषेक करना सही है? इन सवालों का जवाब शिव महापुराण की तीन कथाओं में मिलता है। पहली कथा में नारद जी को ब्रह्मा ने बताया कि शिवजी को कौन-कौन सी चीजें अर्पित की जाती हैं। दूसरी कथा में भगवान शिव खुद देवी पार्वती को बताते हैं कि काम करते या चलते समय मंत्र जप का क्या नियम है। तीसरी कथा गृहपति की है, जो गंगाजल को भी कपड़े से छानकर शिवलिंग का अभिषेक करते थे।
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