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Barley Guli Rabdi Benefits: राजस्थान में गर्मियों के दौरान जौ की गुली की रबड़ी एक पारंपरिक और पौष्टिक पेय के रूप में बनाई जाती है. इसे छाछ के साथ तैयार किया जाता है, जिससे यह शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद बन जाती है. इसमें मौजूद फाइबर और पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देते हैं और पेट की समस्याओं से राहत दिलाते हैं. इसका सेवन करने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और लू का असर कम होता है.
गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक देने वाले पेय और व्यंजन बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है जौ की गुली की रबड़ी, जिसे छाछ के साथ तैयार किया जाता है. यह स्वाद में हल्की, पौष्टिक और शरीर को ठंडक देने वाली होती है. राजस्थान में पुराने समय से गांवों में इसे गर्मियों में खास तौर पर बनाया जाता रहा है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखती है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद करती है. जौ की गुली की राबड़ी राजस्थान का पारंपरिक व्यंजन है.

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जौ से बनी यह रबड़ी न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषण से भी भरपूर होती है. इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं. छाछ के साथ बनने के कारण यह एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक पेय भी बन जाती है, जो पेट के लिए बहुत लाभकारी है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से गर्मियों में शरीर को ठंडक, ताकत और ताजगी मिलती है. आइए जानते हैं जो की गुल्ली की रबड़ी के खाने के फायदे.

उन्होंने बताया कि जौ की तासीर स्वाभाविक रूप से ठंडी मानी जाती है, इसलिए गर्मियों में इसका सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है. जौ की गुली की रबड़ी पीने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है और अंदर से ठंडक महसूस होती है. तेज गर्मी में यह प्यास की तीव्रता को कम करती है और शरीर को तरोताजा बनाए रखती है. नियमित सेवन से गर्म हवाओं का असर भी कम होता है और शरीर को प्राकृतिक ठंडक मिलती है.
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जौ की गुली की रबड़ी में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है और जब इसे छाछ के साथ बनाया जाता है तो यह पाचन के लिए और भी लाभकारी बन जाती है. यह पेट की गर्मी को कम करने में मदद करती है और कब्ज, एसिडिटी तथा अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है. इसके नियमित सेवन से आंतें स्वस्थ रहती हैं और भोजन को पचाने की प्रक्रिया बेहतर होती है, जिससे शरीर हल्का और स्वस्थ महसूस करता है.

गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है. ऐसे में जौ की गुली की रबड़ी शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने में मदद करती है. इसमें मौजूद पोषक तत्व और तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं. इसका सेवन करने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है और गर्म हवाओं का असर कम हो जाता है. इसलिए इसे गर्मियों में हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय माना जाता है.

जौ में मौजूद हाई फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है. जौ की गुली की रबड़ी पीने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती, जिससे अनावश्यक खाने की आदत कम होती है. यही कारण है कि यह वजन नियंत्रित करने में भी मदद करती है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक हेल्दी और पौष्टिक विकल्प साबित हो सकती है. साथ ही यह शरीर को जरूरी ऊर्जा भी प्रदान करती है.

जौ का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. जौ की गुली की रबड़ी शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकती है. इसमें मौजूद फाइबर और पोषक तत्व इंसुलिन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं. यदि इसे संतुलित मात्रा में नियमित रूप से लिया जाए तो यह मधुमेह के मरीजों के लिए एक अच्छा और प्राकृतिक पेय विकल्प बन सकता है.

जौ की गुली की रबड़ी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है. इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन B6 जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं. कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है और आयरन शरीर में खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है. इसके अलावा गर्मियों में इसके रोजाना सेवन से शरीर स्वस्थ, मजबूत और ऊर्जावान बना रहता है.
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