भारत के पीएम नरेंद्र मोदी फ्रांस के एवीएन में G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे तो उनकी मुलाकात अपने कई समकक्ष नेताओं के साथ भी हुई। इसी कड़ी में उनकी मुलाकात संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ैद अलहन से हुई। दोनों नेताओं के बीच साल 2026 में यह तीसरी मुलाकात है जो भारत यूएई की मजबूत संबंध को साफ तौर पर दर्शा रही है। दोनों पक्षों ने लगातार आपस में बातचीत की और पश्चिमी एशिया क्षेत्र में स्थाई शांति सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बातचीत कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व पर जोर दिया है। दोनों पक्ष लगातार एक दूसरे के साथ संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं। इस दौरान भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को इस साल के अंत में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है।
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वहीं इस मौके पर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात कनाडा के पीएम मां कारणी से भी हुई और दोनों पक्षों ने अपने संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव पर खुशी व्यक्त किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा मेरे लिए खुशी की बात है कि हम हमारी पहली मुलाकात बीजी से में हुई थी और आज हम एक साल के बाद मिल रहे हैं और जैसा आपने कहा हम चार बार मिल चुके हैं और लगातार फोन पर भी हमारा संपर्क हो रहा है। हम बटरल रिलेशंस को लेकर के भी और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के संबंध में भी खुलकर के अपने विचार रखते रहे हैं और हमने एक अच्छी परिस्थिति में एक मित्र देश के रूप में बहुत प्रगति हो रही है। भारत का डायस्पोरा की आप जिस प्रकार से चिंता करते हैं, मैं आपका बहुत आभारी हूं और भारत के डायस्पोरा के प्रति उनका भी कुछ ना कुछ योगदान आपके यहां हमेशा रहता है। ऐसे आपका सही है कि हम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर के बहुत ही उत्सुक है और शायद जैसा आपने मुझे निमंत्रित किया है कनाडा आने के लिए। मेरा भी प्रयास है कि इसी वर्ष मैं आऊं और मेरे आने से पहले ही हम इस एग्रीमेंट को पूरा करें। हम टेक्नोलॉजी के अंदर बहुत कुछ आगे करना चाहते हैं। एनर्जी सिक्योरिटी में कनाडा हमारा बहुत बड़ा पार्टनर बन सकता है। तो ये सारे क्षेत्र हैं जिसको लेकर के आज हमारी काफी चर्चाएं भी होगी और मैं आपका बहुत आभारी हूं कि सबसे साथियों से शायद मुझे मिलने का मौका मिल रहा है। थैंक यू।
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भारत और कनाडा के नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की जिसमें एलएनजी, एलपीजी और मेटालर्जिकल कोयले से संबंधित व्यवसायिक व्यवस्थाओं के बारे में बातचीत हुई। इसके अलावा दोनों पक्षों ने सीईपीए यानी कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के बातचीत में हुई प्रगति पर भी खुशी व्यक्त की है। दोनों पक्ष अब एक दूसरे के साथ लगातार आगे बढ़ने पर राजी हुए हैं और दोनों पक्ष रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने के लिए लगातार एक दूसरे के साथ मजबूती से काम करने पर राजी हुए हैं। बीते कुछ वर्षों की बात करें तो भारत और कनाडा के संबंधों में अच्छी खासी दूरी आ गई थी। लेकिन कनाडा की सत्ता में परिवर्तन के बाद भारत कनाडा के संबंध वापस से ट्रैक पर आते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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