विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह मामला साल 2023 से जुड़ा है, जब फरहान अख्तर ने ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म ‘डॉन 3’ की घोषणा रणवीर सिंह के साथ की थी। शुरुआत में फिल्म में कियारा आडवाणी को लिया गया था, लेकिन प्रेग्नेंसी और मैटरनिटी ब्रेक के कारण उन्होंने फिल्म छोड़ दी। इसके बाद कृति सेनन के फिल्म से जुड़ने की खबरें आईं।
इस फिल्म को बनाने के लिए फरहान अख्तर ने अपनी दूसरी फिल्म ‘जी ले जरा’ को टाल दिया था। वहीं फिल्म में देरी होने के कारण रणवीर सिंह अपनी दूसरी फिल्म ‘धुरंधर’ में व्यस्त हो गए।
बताया जा रहा था कि 2025 में ‘डॉन 3’ की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन रणवीर ने अचानक फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में दखल दे रहे थे और गाली-गलौज व हिंसक सीन बढ़ाना चाहते थे, जिसके लिए मेकर्स तैयार नहीं थे।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर ने साइनिंग अमाउंट लौटाने की बात कही। लेकिन, फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर दी और प्री-प्रोडक्शन व देरी से हुए नुकसान के लिए 45 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की।
इसके बाद FWICE ने रणवीर को 3 नोटिस भेजे। रणवीर ने जवाब में कहा कि यह एक कानूनी मामला है और इसे कोर्ट में सुलझाया जाना चाहिए। आखिरकार 25 मई 2026 को फेडरेशन ने रणवीर के साथ काम न करने यानी बैन का ऐलान कर दिया।
FWICE की ने दी सफाई कहा ‘यह बैन नहीं, नॉन-कोऑपरेशन है’
इस फैसले की आलोचना होने के बाद FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “लोगों ने हमारे आदेश को गलत समझा है। यह कोई बैन नहीं है, क्योंकि हम कोई कोर्ट नहीं हैं। हमने ‘नॉन-कोऑपरेशन’ नोटिस जारी किया है।” इसका सीधा मतलब यह है कि फेडरेशन से जुड़े 30 अलग-अलग क्राफ्ट के वर्कर्स फिलहाल रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे।
बॉलीवुड सितारों का रिएक्शन
इस मामले के सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री दो खेमों में बंटती नजर आ रही है। कई लोगों ने रणवीर का समर्थन किया है। चंकी पांडे ने बताया कि 1987 की हड़ताल के दौरान उन्होंने भी ऐसा ही बैन झेला था। तब उन्होंने माफी मांगी थी और बैन हटा लिया गया था। उन्होंने कहा, “हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है। मैंने ये सब खुद झेला है।”
एक्टर मनोज बाजपेयी ने कहा कि इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग इस मामले को सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए ही जान रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिना बात को बढ़ाए यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा।
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने फेडरेशन के इस कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ा स्टार शूट करता है, तो सेट पर 300 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। किसी स्टार को बैन करने से उसका नहीं, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी का नुकसान होता है।
FWICE और CINTAA के बीच तकरार
रणवीर सिंह के इस विवाद ने दो बड़े संगठनों FWICE और CINTAA के बीच भी अनबन पैदा कर दी है।
पूनम ढिल्लों का बयान
पूनम ढिल्लों ने इस मामले में कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी मीडिया से मिली, जो सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, “FWICE को हमें भरोसे में लेना चाहिए था। किसी भी सेल्फ-मेड और मेहनती कलाकार के लिए ‘बैन’ जैसा शब्द बहुत बड़ा होता है। अगर वे हमसे बात करते, तो हम मिलकर इसे सुलझा सकते थे।”
बीएन तिवारी (FWICE) का जवाब
FWICE के बीएन तिवारी ने पूनम ढिल्लों की बातों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने पूनम जी को चिट्ठी लिखी थी और दो बार फोन भी किया था, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। तिवारी ने साफ किया, “यह कोई अहंकार की लड़ाई नहीं है। हमारा मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं है। हम बस इतना चाहते हैं कि रणवीर सिंह अपना पक्ष रखें। जो भी इस मामले को सुलझाने में मदद करना चाहता है, उसका स्वागत है।”
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.