करीब एक दशक तक राजा बाबू , आंखें और पार्टनर जैसी अत्यंत सफल हास्य फिल्मों के साथ हिंदी सिनेमा को नया आयाम देने वाले डेविड धवन की कुछ हिट फिल्मों को पीवीआर आईनॉक्स दोबारा रिलीज करने जा रहा है।
यह फिल्म महोत्सव उनकी नवीनतम फिल्म है जवानी तो इश्क होना है की रिलीज से पहले, उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया है।
धवन ने फिल्म अभिनेता गोविंदा और अभिनेता सलमान खान के साथ मिलकर 1990 के दशक की कुछ बेहद मनोरंजक फिल्में दी।
भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) से स्नातक करने वाले धवन का फिल्म जगत में 40 वर्षों से भी अधिक लंबा अनुभव रहा है जिसकी पहचान उनकी एक विशिष्ट फिल्म-निर्माण शैली है, जिसमें हास्य और पारिवारिक नाटकों का अनूठा मेल देखने को मिलता है।
पीवीआर आईनॉक्स लिमिटेड की मुख्य रणनीतिकार निहारिका बिजली ने डेविड तथा अन्य फिल्मकारों को उनके योगदान के लिये धन्यवाद दिया तथा कहा कि नयी पीढ़ी इनकी फिल्मों से बहुत कुछ सीख सकती है।
धवन ने कहा, मेरा उदेश्य हमेशा से ऐसी फिल्में बनाने का रहा है जो लोगों का मनोरंजन करें तथा उन्हें अपनी रोजमर्रा की मुश्किलों को भुलाने में मदद करें। मेरा हमेशा से यही विचार रहा है कि सिर्फ तीन घंटों के लिए ही सही, लोगों को हंसाओ, उन्हें ज़िंदगी के बारे में अच्छा महसूस कराओ ताकि वे सिनेमाघर से बाहर मुस्कुराहट के साथ निकलें।
उन्होंने आगे कहा, पीवीआर आईनॉक्स को मेरे काम पर आधारित महोत्सव आयोजित करते हुए और इन फिल्मों को वापस बड़े पर्दे पर लाते हुए देखना दिल को छू लेने वाला अनुभव है। ये फिल्में बहुत प्यार, ऊर्जा और सहज वृत्ति के साथ बनायी गई थीं। मैं यह देखकर बहुत उत्साहित हूं कि दर्शक सिनेमाघरों में वापस आकर उस दीवानगी, संगीत और खुशी को एक बार फिर से जी रहे हैं।
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