(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, तीन सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के वाहन उद्योग से नवाचार जारी रखने, उत्कृष्टता हासिल करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सक्रिय रूप से साहसिक राह बनाने का बृहस्पतिवार को आह्वान किया। ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (सियाम) के वार्षिक सम्मेलन 2026 में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पढ़ा गया। मोदी ने इसमें कहा कि हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलने के साथ, भारत का वाहन क्षेत्र जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही पहचान मिली हुई है, अब वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी और बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
वाहन उद्योग संगठन सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ते हुए कहा, ‘‘मैं भारतीय वाहन उद्योग से नवाचार जारी रखने, उत्कृष्टता हासिल करने और सक्रिय रूप से विकसित भारत की दिशा में साहसिक राह बनाने का आह्वान करता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा से परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाने वाले अवसर तथा उल्लेखनीय वृद्धि आएगी तथा राष्ट्रीय विकास के प्रमुख आधार के रूप में परिवहन और मजबूत होगा। मोदी ने कहा, ‘‘पिछले एक दशक में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है। जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, वाहनों की मांग भी बढ़ रही है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजमार्गों तथा अन्य बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार से लोगों और वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो रही है तथा वाहन उद्योग के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘बेहतर संपर्क और अधिक दक्ष लॉजिस्टिक, लागत कम कर रहे हैं और भारतीय विनिर्माण को अधिक प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं। इससे वाहन क्षेत्र मजबूत हो रहा है और भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान मिल रहा है।’’
उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ और अधिक सतत परिवहन व्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चार्जिंग से जुड़े बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक अपनाने को बढ़ावा मिल रहा है और नवाचार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।’’
मोदी के संदेश में कहा गया कि भारत जब परिवहन की अगली पीढ़ी की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में सियाम इस बदलाव को आकार देने और भारत की वाहन विनिर्माण क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाल के वर्षों में कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए सुधारों से उद्योग को नई गति मिली है। इनमें अप्रचलित कानूनों को हटाना और अनावश्यक अनुपालन समाप्त करना शामिल है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों ने वाहन उद्योग की विनिर्माण क्षमताओं को और मजबूत किया है।
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