बंपर मुनाफा, शेयर खरीदने को मची लूट
दरअसल, 1 सितंबर (मंगलवार) से ही मिल्की मिस्ट के शेयर हरे निशान पर हैं, और इसकी वजह है कंपनी के शानदार जून तिमाही (Q1) के नतीजे। 31 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने अपने तिमाही परिणाम जारी किए। इसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले करीब 890% बढ़कर 64.68 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं, रेवेन्यू भी 43.6% उछलकर 973.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो सभी उत्पादों की अच्छी बिक्री की वजह से हुआ। कंपनी का EBITDA 74.5% बढ़कर 144.89 करोड़ रुपये हो गया, और EBITDA मार्जिन 12.24% से बढ़कर 14.88% पर आ गया।
एक्सपर्ट की राय: अभी खरीदें या संभलें?
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव का कहना है कि लंबी अवधि में इस कंपनी का असली दम वैल्यू-एडेड डेयरी उत्पादों (सिर्फ दूध नहीं) में है, जिसने FY24 से FY26 तक 31.26% की सालाना बढ़ोतरी दी है।
कंपनी की पेरुंदुराई प्लांट ऑटोमेटेड है, 74,600 से ज्यादा किसानों से सीधा दूध खरीदा जाता है, और IPO से मिले 1,428-1,475 करोड़ रुपये कर्ज घटाने और क्षमता बढ़ाने में लगेंगे। ये सब बातें मजबूत बुनियाद का संकेत देती हैं।
अभी बहुत ऊंचा है शेयर का भाव
सीमा यह भी कहती हैं कि अभी शेयर की कीमत 254 रुपये पर 84.86 का P/E है, जो काफी महंगा है। FY26 की अनुमानित कमाई (EPS) 1.65 रुपये के हिसाब से यह बहुत ऊंचा भाव है, और 10 गुना की इतनी तेज बढ़ोतरी हर बार नहीं हो सकती। बता दें मिल्की मिस्ट के शेयर 18 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए थे। अगर मौजूदा कीमत 268.75 रुपये देखें तो यह IPO प्राइस 140 रुपये से करीब 92% ऊपर है।
रिस्क की बात करें तो कंपनी की ज्यादातर बिक्री दक्षिण भारत में है, तमिलनाडु से दूध खरीद पर निर्भरता है, और बड़े निवेश को सही से लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उनकी सलाह है कि जिन्हें IPO में शेयर मिले हैं, वे इसे होल्ड करें, लेकिन नए निवेशकों को इस ऊंचे भाव पर अंधाधुंध खरीदारी से बचना चाहिए।
क्या कह रहे सीईओ
कंपनी का कहना है कि वह आगे भी वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स (जैसे पनीर, दही, मिठाई वगैरह) पर फोकस करेगी, और अपने ब्रांड व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करेगी।
कंपनी के होलटाइम डायरेक्टर और सीईओ के. रत्नम ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान मुनाफे के साथ बढ़ोतरी पर रहेगा। हम नए प्रोडक्ट लाएंगे, अपनी मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता बढ़ाएंगे, और नए बाजारों में पहुंच बनाएंगे। साथ ही, खर्चों पर कंट्रोल रखेंगे और अपनी वित्तीय सेहत का ध्यान रखेंगे।”
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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