मोदी का यह वर्चुअल संबोधन खेल, ओलंपिक की आकांक्षाओं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशा मुक्त युवा जैसे पांच विषयों पर आधारित होगा।
भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार, कोचिंग, समावेशी भागीदारी और प्रतिभा पहचान, पारदर्शी चयन और खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास से 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी भी इस संवाद के उद्देश्यों का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जुड़ने, अपनी आकांक्षाओं को साझा करने और एक मजबूत युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के लिए अपने विचार रखना है।
बयान में कहा गया है, ‘‘यह कार्यक्रम युवाओं को देश की खेलों से संबंधित महत्वाकांक्षाओं से जुड़ने का एक सीधा जरिया होगा जिससे यह भी सुनिश्चित होगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा और खेल पारिस्थितिकी तंत्र पर चल रही चर्चा का हिस्सा बनें।’’
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है जिसमें एक स्वस्थ, अनुशासित और खेलप्रिय राष्ट्र का निर्माण करना है तथा साथ ही युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास एजेंडा के केंद्र में रखना है।
इस पहल की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि इसमें खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं और देश के शीर्ष खिलाड़ियों और पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगा।
डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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