शिशुओं को डकार दिलाना क्यों जरूरी होता है
-नवजात शिशु जब दूध पीते हैं तो अक्सर उसके साथ थोड़ी हवा भी निगल लेते हैं. यह हवा पेट में छोटे-छोटे बुलबुले बनाकर जमा हो जाती है. यही गैस बाद में बच्चे को असहज बना सकती है.
-डकार दिलाने से यह हवा बाहर निकल जाती है और बच्चा हल्का महसूस करता है. बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि इससे पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की समस्या भी कम हो सकती है.
-कई माता-पिता ने यह अनुभव किया होगा कि दूध पीने के बाद बच्चा अचानक रोना शुरू कर देता है, लेकिन जैसे ही उसे डकार दिलाई जाती है, वह तुरंत शांत हो जाता है. यही वजह है कि इसे शिशु की देखभाल का अहम हिस्सा माना जाता है.
डकार दिलाने का सही समय क्या होता है
-हर बच्चे की जरूरत अलग होती है, इसलिए डकार दिलाने का कोई एक तय नियम नहीं होता. कुछ शिशुओं को दूध पीते समय ही गैस महसूस होने लगती है, जबकि कुछ को दूध पीने के बाद डकार की जरूरत पड़ती है.
-अगर बच्चा दूध पीते-पीते अचानक बेचैन हो जाए, शरीर मोड़ने लगे या रोने लगे, तो बीच में ही उसे डकार दिला देना बेहतर होता है. वहीं अगर बच्चा आराम से दूध पी रहा है तो फीडिंग खत्म होने के बाद भी डकार दिलाई जा सकती है.
माता-पिता को बस बच्चे के संकेतों को समझना सीखना होता है.
नवजात शिशु को डकार दिलाने के आसान तरीके
1. गोद में पेट के बल लिटाकर पीठ थपथपाएं
इस तरीके में बच्चे को अपनी गोद में पेट के बल लिटाया जाता है. एक हाथ से उसकी ठुड्डी और सिर को सहारा दिया जाता है, ताकि गर्दन पर दबाव न पड़े. दूसरे हाथ से हल्के-हल्के उसकी पीठ थपथपाई जाती है. कुछ ही मिनटों में बच्चे को डकार आ सकती है.
2. गोद में बैठाकर डकार दिलाना
इस पोजिशन में बच्चे को अपनी गोद में बैठाया जाता है और उसका चेहरा आपसे दूर की ओर रहता है. एक हाथ से उसकी छाती और ठुड्डी को सहारा दिया जाता है और दूसरे हाथ से धीरे-धीरे उसकी पीठ सहलाई जाती है. यह तरीका कई माता-पिता के लिए काफी आसान साबित होता है.
3. कंधे पर रखकर डकार दिलाना
यह सबसे आम तरीका माना जाता है. इसमें बच्चे को अपनी छाती से लगाकर कंधे पर टिकाया जाता है. फिर धीरे-धीरे उसकी पीठ थपथपाई जाती है. कई बार थोड़ा टहलने से भी बच्चे को जल्दी डकार आ जाती है.
अगर डकार न आए तो क्या करें
कभी-कभी ऐसा होता है कि कई कोशिशों के बाद भी बच्चे को डकार नहीं आती. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती. माता-पिता बच्चे को पीठ के बल लिटाकर उसके पेट की हल्की मालिश कर सकते हैं. साथ ही उसके पैरों को धीरे-धीरे साइकिल चलाने की तरह हिलाया जा सकता है. यह तकनीक पेट में फंसी गैस को बाहर निकालने में मदद कर सकती है.
हमेशा साथ रखें साफ कपड़ा
डकार लेते समय कई बार बच्चा थोड़ा दूध भी बाहर निकाल देता है. यह पूरी तरह सामान्य होता है. इसलिए बच्चे को कंधे पर रखते समय एक साफ कपड़ा या मलमल का कपड़ा जरूर रखें, ताकि कपड़े गंदे न हों.
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
अगर बच्चा लगातार रो रहा है, पेट ज्यादा सख्त लग रहा है या बार-बार उल्टी कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि सही फीडिंग पोजिशन और डकार दिलाने की आदत कई छोटी-मोटी परेशानियों को शुरुआत में ही रोक सकती है.
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