पाकिस्तान क्रिकेट टीम 2021 में मिस्बाह उल हक के इस्तीफे के बाद 11 कोच बदल चुका है, मगर उनकी परफॉर्मेंस में सुधार बिल्कुल नहीं हुआ है। इंग्लैंड दौरे पर भी उनकी हालत खराब है।
मिस्बाह उल हक के बाद कोई नहीं संभाल पाया हेड कोच की गद्दी
मिस्बाह उल हक के इस्तीफे के बाद पाकिस्तान टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी कोई ज्यादा समय तक नहीं संभाल पाया है। 2019 में कोच बने मिस्बाह ने 2021 में इस्तीफा दिया था। इसके बाद पाकिस्तान टीम को 11 अलग-अलग कोच संभाल चुके हैं, मगर कोई ज्यादा देर इस पोजिशन पर टिक नहीं पाया।
सकलैन मुश्ताक (2021-23)
अब्दुल रहमान (अंतरिम, 2023)
ग्रांट ब्रैडबर्न (2023)
मोहम्मद हफीज (2023-24)
अजहर महमूद (अंतरिम, 2024)
जेसन गिलेस्पी (2024)
गैरी कर्स्टन (2024)
आकिब जावेद (2024)
अजहर महमूद (2025)
माइक हेसन (2025)
सरफराज अहमद (2026)
दखलअंदाजी की वजह से गैरी कर्स्टन ने छोड़ा था पाकिस्तान का साथ
भारत को 2011 वर्ल्ड कप जिताने वाले कोच गैरी कर्स्टन को जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने साथ जोड़ा था, तो उन्होंने भी उम्मीद लगाई होगी कि कर्स्टन भारत की तरह पाकिस्तान को भी वर्ल्ड चैंपियन टीम बनाएंगे। हालांकि कुछ महीनों बाद ही पीसीबी की जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
गैरी कर्स्टन ने कहा, “जिस बात ने मुझे शायद सबसे ज्यादा हैरान किया, वह थी दखलंदाजी का स्तर। मुझे नहीं लगता कि मैंने पहले कभी इस स्तर की दखलंदाजी देखी है। क्या इससे मुझे हैरानी हुई? मुझे नहीं पता, लेकिन यह काफी ज्यादा थी।
एक कोच के लिए आकर खिलाड़ियों के साथ काम करने का कोई तरीका बनाना काफी मुश्किल होता है, जब बाहर से लगातार शोर-शराबा होता रहता है। यह मुश्किल था और खराब प्रदर्शन वगैरह को लेकर काफी दंडात्मक कार्रवाई भी होती थी।
एक कोच के तौर पर, जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही होती, तो सबसे पहले आप ही निशाने पर आते हैं-इसलिए लोग कहते हैं, ‘चलो कोच को हटा देते हैं’ या ‘चलो कोच पर कुछ पाबंदियां लगा देते हैं’, क्योंकि जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही होती, तो ऐसा करना ही सबसे आसान होता है-और मेरी नजर में यह उल्टा नुकसानदायक होता है। तो फिर कोच को रखा ही क्यों जाए?”
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