कुवैत ने ईरान पर इस महीने की शुरुआत में उस द्वीप पर हमला करने का आरोप लगाया है, जहां चीन एक बंदरगाह निर्माण परियोजना में सहयोग कर रहा है। हालांकि यह हमला विफल कर दिया गया।
यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन रवाना होने वाले हैं, जहां उनकी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से युद्ध और अन्य मुद्दों पर महत्वपूर्ण वार्ता होनी है।
ट्रंप ने कहा कि वह शी चिनफिंग के साथ ईरान पर ‘‘लंबी बातचीत’’ करेंगे, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार उनका बड़ा मुद्दा रहेगा।
चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसके नेता परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करते, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप ने कहा, ‘‘ईरान पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है। या तो समझौता होगा या फिर वे पूरी तरह तबाह कर दिए जाएंगे। किसी भी स्थिति में जीत हमारी होगी।’’
ईरान ने कुवैत के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुवैत पहले भी युद्ध और संघर्षविराम के दौरान ईरानी हमलों का सामना कर चुका है। लेकिन यह नया आरोप और क्षेत्र में जारी हमले फिर से युद्ध का खतरा बढ़ा रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी ईरान के मजबूत नियंत्रण में है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी बनाए रखी है और दोनों देशों के बीच वार्ता ठप पड़ती दिख रही है।
ईरानी राजनयिक काजिम गरीबाबादी ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अपमान, धमकियों और जोर-जबरदस्ती वाली से वास्तविक शांति स्थापित नहीं की जा सकती।’’
संघर्ष दोबारा भड़कने की आशंका के बीच इजराइल ने संयुक्त अरब अमीरात में आयरन डोम हवाई रक्षा प्रणाली और उसे संचालित करने वाले कर्मियों को भेजा है।
इजराइल में अमेरिका के एक राजदूत ने यह जानकारी दी।
यह पहली बार है जब सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया कि इजराइली सेना संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तैनात की गई है। इससे इजराइल और यूएई के बीच बढ़ते संबंध भी उजागर हुए हैं।
कुवैत ने कहा कि एक मई को ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की एक टीम ने फारस की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित बुबियान द्वीप में घुसपैठ की कोशिश की। यह इलाका इराक और ईरान के करीब है।
कुवैत के अनुसार, सुरक्षा बलों ने हमले को विफल कर दिया और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि दो फरार हो गए।
बुबियान द्वीप पर मुबारक अल कबीर बंदरगाह का निर्माण हो रहा है, जो चीन की वैश्विक बुनियादी ढांचा परियोजना का हिस्सा है। युद्ध के दौरान इस क्षेत्र पर पहले भी ईरानी हमला हो चुका है।
वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हथियारों के भंडार को लेकर जतायी जा रही चिंताओं के बीच कांग्रेस को बताया कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त बम और मिसाइलें हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है, भले ही ईरानी हमलों और धमकियों से तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही हो।
हेगसेथ ने कहा, ‘‘अंततः जलडमरूमध्य हमारे नियंत्रण में है, क्योंकि हमारी अनुमति के बिना वहां से कुछ भी नहीं गुजर सकता।
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