आरसीबी और गुजरात के पास कितना चांस
अगर बात की जाए कि आरसीबी और गुजरात के पास प्लेऑफ में जगह पक्की करने के कितने चांस है, तो गुजरात टाइटंस ने 16 अंक हासिल कर स्थिति मजबूत कर ली है। अभी गुजरात के दो मैच बाकी है और अगर टीम एक मैच भी जीतती है तो प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। अगर हारती भी है दोनों मैच तब भी प्लेऑफ की रेस में रहेगी।
वहीं, आरसीबी 11 मैचों के बाद 14 अंक के साथ दूसरे स्थान है। आरसीबी के अभी 3 मैच बचे हुए हैं। ऐसे में आरसीबी अपने बाकी के 3 मैचों में से दो मैच भी जीत जाता है, तो आसानी से प्लेऑफ में जगह पक्की कर सकता है।
हैदराबाद और पंजाब के पास कितना चांस
हैदराबाद 14 अंकों के साथ फिलहाल, तीसरे नंबर पर मौजूद है और उसके अभी 2 मैच बचे हुए हैं। दो मैच आरसीबी व सीएसके से बाकी हैं। यह दोनों टीमें भी प्लेऑफ के लिए लड़ रही हैं। ऐसे में हैदराबाद की राह आसान नहीं होगी।
वहीं, पंजाब लगातार चौथा मैच हारकर अपने आप को मुसीबत में डाल लिया है। पंजाब किंग्स के तीन मैच बाकी हैं और अच्छी बात यह है कि उसमें से दो मैच बाहर होने वाली टीमें लखनऊ और मुंबई से होने हैं। ऐसे में दोनों मैचों में जीत हासिल सकती है, तो प्लेऑफ की रेस में आगे हो सकती है।
राजस्थान और चेन्नई
राजस्थान रॉयल्स की टीम पिछले सात में से पांच मैच हार चुकी है। राजस्थान के अब तीनों मैच बचे हुए, मुंबई और लखनऊ प्लेऑफ की रेस से बाहर हैं और दिल्ली कैपिटल्स। ऐसे में राजस्थान अगर तीनों मैच जीतती है तो बाजी पलट सकती है। हालांकि, दिल्ली भी रेस से बाहर नहीं होना चाहेगी।
पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स अच्छी वापसी की और प्लेऑफ के लिए रेस में बनी हई है। चेन्नई के अभी तीन मुकाबले बचे हुए हैं, ऐसे में तीनों मुकाबले जीत लेती है, तो प्लेऑफ की रेस में बनी रह सकती है।
केकेआर और दिल्ली
केकेआर ने पिछले चार मैच लगातार जीते जरूर हैं और उसके चार मैच अभी बाकी भी हैं। हालांकि, अगर कोलकाता अपनी बाकी के मैच जीत भी जाती है, तो उसके पास कुल 15 अंक ही होंगे, ऐसे में प्लेऑफ की रेस बने रहना बहुत मुश्किल है।
वहीं, दिल्ली की बात करें तो प्लेऑफ में पहुंचा ना के बराबर है। उसके बचे हुए दो मैच केकेआर और राजस्थान से होने हैं। दिल्ली यह दोनों मैच जीतते भी है तो उसके 14 अंक हो पाएंगे।
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