(तस्वीरों के साथ)
चेन्नई, 15 सितंबर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ पीढ़ियों से नेतृत्व संभालने एवं जिम्मेदारी उठाने का आह्वान करते हुए युवा स्नातकों से आग्रह किया कि वे देश को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और यह सोचने के बजाय कि देश ने उनके लिए क्या किया है, यह पूछें कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। सीतारमण ने यहाँ डॉ. एम.जी.आर. शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन वे दायित्व एवं नागरिक कर्तव्य की गहरी भावना के साथ आगे आएं। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे आप स्वयं को ‘जेन जी’ कहें या ‘जेन अल्फा’, हम सभी आपकी बात सुनने के लिए तैयार हैं।
लेकिन आपको इस बारे में सोचना होगा कि आपके आस-पास क्या हो रहा है, आपकी क्या भूमिका है और आपके ज़रिए देश के लिए क्या हासिल किया जा सकता है।’’
वित्त मंत्री ने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों से अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व संभालने और राष्ट्रीय हित से कभी समझौता न करने का आग्रह किया। उन्होंने दुनिया भर में जारी उन संघर्षों की ओर इशारा किया जिनमें नागरिकों को अपनी ही भूमि से विस्थापित होना पड़ा है। सीतारमण ने कहा, ‘‘नेतृत्व संभालिए।
आपको नेतृत्व करना होगा और देश को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। देश के सुरक्षित और मज़बूत रहने पर ही हमारे पास रहने के लिए घर होगा। हमें कभी भी अपने देश का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।’’
भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों जैसी अभूतपूर्व वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है और 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है।
उन्होंने इस स्थिरता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत राजनीतिक नेतृत्व को दिया।
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