मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए कई श्रद्धालुओं समेत 130 से अधिक भारतीय वहां अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही मचने और प्रभावित इलाकों से संपर्क कटने के बाद से लापता हैं तथा कई अन्य भारतीय वहां फंसे हुए हैं। नेपाल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, केरलम, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं।
‘सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल’ एजेंसी ने बताया कि कम से कम 59 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु हैं। नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण संचार संपर्क बाधित होने से प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।
तमिलनाडु:
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु से गए 57 पर्यटकों में से 37 का अभी तक पता नहीं चल पाया है जबकि 20 अन्य के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है।
बताया जा रहा है कि ये पर्यटक हिमालय में स्थित एक मंदिर जा रहे थे।
कोयंबटूर स्थित गैर-लाभकारी संगठन ईशा फाउंडेशन ने दावा किया कि उसके 77 सदस्य लापता हैं जो आव्रजन केंद्र पर थे।
फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने कहा, ‘‘आव्रजन कार्यालय में मौजूद लोगों में से किसी के बारे में भी अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।’’
उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं।
नेपाल सरकार ने बाद में बताया कि संबंधित आव्रजन केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के कई लोगों के नेपाल में फंसे होने की आशंका है। किसान नेता राकेश टिकैत अपने सहयोगियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए थे और वह पोखरा में फंसे हुए हैं।
भारतीय किसान यूनियन के नेता ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति के कारण हम कल विमान से काठमांडू पहुंचेंगे और वहां से विमान के जरिए दिल्ली जाएंगे। हमें अपने वाहन वहीं छोड़ने पड़ेंगे क्योंकि सड़क मार्ग से यात्रा करना संभव नहीं है।’’
राहत आयुक्त कार्यालय ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक परामर्श जारी किया है। इसमें उनके परिजनों से कहा गया है कि यदि राज्य का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा है या उसे किसी तरह की सहायता की जरूरत है तो वह राज्य के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तत्काल संपर्क करें।
महाराष्ट्र:
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के दो शहरों के चार पर्यटक नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने चारों लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है। इनमें मुंबई और पुणे के दो-दो लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी महाराष्ट्र के उन लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं जिनके बाढ़ के कारण नेपाल में फंसे होने की आशंका है।
केरलम:
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल की यात्रा पर गए 36 लोगों का एक समूह सुरक्षित है और अचानक आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाकों से दूर है।
केरलम सरकार ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित राज्य के लोगों को आपात सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्था ‘नॉर्का-रूट्स’ के माध्यम से एक हेल्पडेस्क शुरू किया है।
‘नॉर्का-रूट्स’ राज्य सरकार के अप्रवासी केरलमवासी मामलों के विभाग की कार्यकारी एजेंसी है।
बयान में कहा गया कि जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है वे ‘नॉर्का ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर’ के टोल-फ्री नंबर 18004253939 पर संपर्क कर सकते हैं या विदेश से +91-8802012345 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने नेपाल की यात्रा कर रहे मलयाली लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे परिवारों से 9447111844 या 9747132147 पर सूचना देने का आग्रह किया है।
सिक्किम सरकार ने उन लोगों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है जिनके परिवार के सदस्य या रिश्तेदार नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण फंसे या प्रभावित हो सकते हैं।
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने कहा, ‘‘सिक्किम के जिन लोगों के परिवार के सदस्य या रिश्तेदार इस समय नेपाल में हैं और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, उनसे अनुरोध है कि वे संबंधित जानकारी के साथ हेल्पलाइन नंबर 03592-201145, 03592-202461 और 03592-202256 पर संपर्क करें।’’
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।
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