NEET SS Counselling: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को नीट SS की 151 सुपर स्पेशलिटी सीटें ऑल इंडिया कोटे में वापस करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने MCC को 2 सप्ताह में काउंसिलिंग पूरी करने के आदेश दिए हैं।
क्या था पूरा विवाद और क्यों रुकी थी काउंसिलिंग?
नीट एसएस राउंड-2 की काउंसिलिंग प्रक्रिया ‘तमिलवानी व अन्य बनाम तमिलनाडु राज्य’ मामले की कानूनी लड़ाई के कारण बीच में ही रुक गई थी। तमिलनाडु सरकार इन-सर्विस डॉक्टरों के लिए आरक्षित 151 सुपर स्पेशलिटी सीटों को ऑल इंडिया कोटे में वापस लौटाने के बजाय अपने पास रखना चाहती थी और इसके लिए पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
इस कानूनी अड़चन की वजह से एमसीसी को राउंड-2 की च्वाइस फिलिंग रोकनी पड़ी थी। जिसके कारण परीक्षा पास कर चुके देश के हजारों स्पेशलिस्ट डॉक्टर पिछले कई महीनों से बिना दाखिले के इंतजार कर रहे थे।
कोर्ट के आदेश से अब क्या-क्या बदलेगा?
तमिलनाडु सरकार की इन 151 खाली सीटों को ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में शामिल किए जाने से अब ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट के आधार पर अभ्यर्थियों को दाखिला मिल सकेगा।डीएम (DM) और एमसीएच (MCh) जैसे कोर्सेज में सीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे कट-ऑफ पर असर पड़ेगा। एमसीसी जल्द ही संशोधित शेड्यूल जारी करेगा और दो हफ्तों के भीतर आवंटन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मेडिकल संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और अन्य डॉक्टर संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। एफएआईएमए ने कहा कि लगातार हो रही देरी से न केवल युवा डॉक्टरों का करियर और वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही थी, बल्कि देश के बड़े अस्पतालों में सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी भी झेलनी पड़ रही थी। संगठन ने एमसीसी से मांग की है कि वह बिना किसी और देरी के तुरंत राउंड-2 का च्वाइस फिलिंग पोर्टल दोबारा शुरू करे।
अभ्यर्थियों के लिए आगे की सलाह
एमसीसी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर राउंड-2 काउंसिलिंग का नया टाइमटेबल और अपडेटेड सीट मैट्रिक्स अपलोड करेगा। जो उम्मीदवार इस काउंसिलिंग में भाग ले रहे हैं, वे अपने सभी जरूरी शैक्षणिक डॉक्यूमेंट, नीट एसएस स्कोरकार्ड, पोस्ट ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट और स्टेट मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन तैयार रखें।
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