केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए देशभर में 86,360 पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं। यह जानकारी सांसद के.एम. सुधा आर की ओर से मेडिकल शिक्षा के विस्तार को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में दी गई।
सबसे अधिक पीजी मेडिकल सीटों वाले राज्य
राज्य | कुल सीटें |
| कर्नाटक | 10,092 |
| महाराष्ट्र | 9,216 |
| तमिलनाडु | 8,023 |
| उत्तर प्रदेश | 7,437 |
| तेलंगाना | 5,248 |
| आंध्र प्रदेश | 4,782 |
कर्नाटक में 2,805 सरकारी और 7,287 निजी PG सीटें हैं।
महाराष्ट्र में 4,277 सरकारी और 4,939 निजी सीटें हैं।
तमिलनाडु में 3,030 सरकारी और 4,993 निजी सीटें उपलब्ध हैं।
उत्तर प्रदेश में 3,568 सरकारी और 3,869 निजी PG मेडिकल सीटें हैं।
5000 नई PG सीटें जोड़ने की योजना
केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्रीय सरकारी मेडिकल कॉलेजों, स्वतंत्र PG संस्थानों तथा सरकारी अस्पतालों को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय प्रायोजित योजना (CSS) के तीसरे चरण को मंजूरी दी है। इसके तहत 2025-26 से 2028-29 के बीच 5,000 अतिरिक्त PG मेडिकल सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने प्रत्येक PG सीट के लिए लागत सीमा बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी है, ताकि मेडिकल संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
नियामक सुधार
NMC ने नए पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने और सीटों में वृद्धि को आसान बनाने के लिए स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा विनियम (PGMER), 2023 और स्नातकोत्तर न्यूनतम मानक अपेक्षाएं, 2024 के तहत नया नियामक ढांचा लागू किया है। इसके तहत प्राप्त आवेदनों पर संकाय, अवसंरचना और नैदानिक सामग्री की उपलब्धता के आधार पर मंजूरी दी जाती है।
NBEMS की पहल
राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने पीजी सीटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई छूट और प्रयास किए हैं, जैसे प्रत्यायन (Accreditation) मानदंडों को आसान बनाना, नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत करना, संयुक्त प्रत्यायन योजना चलाना और जिला अस्पतालों को अपने यहाँ पीजी कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके लिए राज्य सरकारों, पीएसयू (PSUs) और ईएसआईसी (ESIC) के साथ भी सहयोग किया जा रहा है
राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) के अनुसार, उसके विचाराधीन सभी डिप्लोमा सीटों को पूर्ण विकसित पीजी मेडिकल डिग्री (DNB) सीटों में परिवर्तित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है
50% सीटों पर सीमा
NMC ने निजी चिकित्सा संस्थानों और मानित विश्वविद्यालयों की 50% सीटों पर शुल्क को विनियमित करने के लिए 03 फरवरी, 2022 को दिशानिर्देश जारी किए थे। हालांकि, इन दिशानिर्देशों को अदालतों में चुनौती दी गई है और यह मामला वर्तमान में न्यायाधीन है।
NBEMS पाठ्यक्रमों की फीस
डीएनबी (DNB), डीआरएनबी (DRNB), एफएनबी (FNB) और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क केंद्रीय स्तर पर विनियमित है, जो पूरे देश में एकसमान तथा किफायती है। इन पाठ्यक्रमों का वार्षिक शुल्क 1,25,000 रुपये निर्धारित है।
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