ग्लासगो में सोमवार से शुरू हो रही राष्ट्रमंडल खेल 2026 की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। भारतीय दल इस बार पिछले संस्करण से बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतर रहा है। सबसे अधिक चर्चा पुरुष भाला फेंक स्पर्धा की है, जहां भारत के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का मुकाबला पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम और श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे से होगा। इस मुकाबले को प्रतियोगिता की सबसे बड़ी और रोमांचक स्पर्धाओं में शामिल माना जा रहा है।
बता दें कि नीरज चोपड़ा इससे पहले वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उस समय उन्होंने 86.47 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया था। हालांकि वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में चोट के कारण वह हिस्सा नहीं ले सके थे। अब वह एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतकर भारत को बड़ी सफलता दिलाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार नीरज चोपड़ा पिछले वर्ष सितंबर से कमर के निचले हिस्से की चोट से जूझ रहे थे। इसी वजह से उन्होंने इस सत्र की शुरुआत भी देर से की। उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग में वापसी की, जहां उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 85.69 मीटर रहा और वह चौथे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने स्विट्जरलैंड के बिएन में लगभग एक महीने तक पुनर्वास और अभ्यास किया। भारतीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य प्रशिक्षक राधाकृष्णन नायर का कहना है कि नीरज अब पूरी तरह फिट हैं और प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि पुरुष भाला फेंक की स्पर्धा इस बार बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। अरशद नदीम हाल के वर्षों में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं, जबकि रुमेश थरंगा पथिरागे भी लगातार बेहतर नतीजे दे रहे हैं। ऐसे में स्वर्ण पदक की दौड़ आसान नहीं मानी जा रही है। भाला फेंक की क्वालीफिकेशन स्पर्धा 30 जुलाई को होगी, जबकि फाइनल अगले दिन खेला जाएगा।
भारत को केवल नीरज चोपड़ा से ही नहीं, बल्कि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे से भी स्वर्ण पदक की उम्मीद है। मुरली श्रीशंकर वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुके हैं। वहीं सर्वेश कुशारे हाल ही में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके हैं, जिससे उनसे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय टीम प्रबंधन पुरुष भाला फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद और तिहरी कूद में दो-दो पदक जीतने की उम्मीद कर रहा है। इसके अलावा पुरुष 10,000 मीटर दौड़, दस स्पर्धाओं की संयुक्त प्रतियोगिता और महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में भी भारत के पदक जीतने की संभावना जताई जा रही है। पुरुष 100 मीटर बाधा दौड़, गोला फेंक और महिलाओं की 3000 मीटर बाधा दौड़ में भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
बता दें कि वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में कुल आठ पदक जीते थे, जिनमें एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक शामिल थे। इस बार 32 सदस्यीय भारतीय दल का लक्ष्य उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ना है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश स्पर्धाओं में विश्व स्तर के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, इसलिए प्रत्येक पदक के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के सामने चुनौती बड़ी जरूर है, लेकिन मजबूत तैयारी और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उनसे बेहतर नतीजों की उम्मीद भी उतनी ही अधिक की जा रही हैं।
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