सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के निकाय नैसकॉम ने अमेरिकी एच-1बी वीजा पर 1,03,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों ने पहले ही ऐसे वीजा पर अपनी निर्भरता काफी कम कर दी है। नैसकॉम ने बयान में कहा कि भारतीय कंपनियों ने पिछले पांच वर्षों में अमेरिका में स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां लगातार बढ़ाई हैं। आईटी कंपनियों के संगठन ने कहा, ‘‘एच-1बी वीजा कार्यक्रम ने लंबे समय से अमेरिका में अल्पकालिक कौशल की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पिछले पांच वर्षों में भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों में एच-1बी कर्मचारियों की संख्या में काफी कमी आई है, क्योंकि कंपनियों ने स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां लगातार बढ़ाई हैं।’’
नैसकॉम ने कहा कि वीजा शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी को अमेरिका में कुशल लोगों की कमी को पूरा करने के लिए बनाए गए एच-1बी कार्यक्रम के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने अमेरिका में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्र में प्रतिभाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 1.1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इसके तहत 130 से अधिक विश्वविद्यालय और कॉलेज के साथ साझेदारी की गई है, जिससे 29 लाख छात्रों को लाभ मिला है और 2,55,000 से अधिक कर्मचारियों का कौशल उन्नयन हुआ है।
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने सोमवार को एच-1बी वीजा की निर्धारित सीमा के तहत आने वाले सभी आवेदनों पर 1,03,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा। इसमें उच्च डिग्री छूट के लिए पात्र आवेदक भी शामिल हैं। अमेरिकी कांग्रेस ने फिलहाल एच-1बी वीजा कार्यक्रम के तहत सामान्य श्रेणी में सालाना 65,000 वीजा की सीमा तय की है।
इसके अलावा अमेरिकी संस्थान से मास्टर डिग्री या उससे ऊपर की डिग्री हासिल करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा उपलब्ध हैं। इसे आम तौर पर ‘मास्टर्स कैप’ कहा जाता है। अमेरिकी प्रशासन का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब एक संघीय अपील अदालत ने पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की एच-1बी वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर शुल्क लगाने की योजना को पलटने वाले जिला न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगाने की अपील खारिज कर दी थी।
विभाग ने इस प्रस्ताव पर अगले 30 दिन के भीतर जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।
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