Indian Stock Market Weekly Loss: मिडिल ईस्ट में पैदा हुए माहौल ने वैश्विक समेत भारतीय घरेलू बाजार के रूख को खराब करने का काम किया है. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भी बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली थी.
सेंसेक्स 1470.50 अंक की गिरावट के साथ 74,563.92 अंक तो वहीं, एनएसई निफ्टी 50 488.05 अंक फिसलकर 23,151.10 के लेवल पर बंद हुए थे. इस डर वाले माहौल के बीच निवेशकों को जमकर नुकसान उठाना पड़ा. आइए जानते हैं, इस विषय में….
निवेशकों को हुआ तगड़ा नुकसान
बाजार में जारी इस गिरावट से निवेशकों को जबरदस्त नुकसान का सामना करना पड़ा. आंकड़ों की बात करें तो, इस सप्ताह निवेशकों को कुल 19.86 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा. शुक्रवार के कारोबारी दिन ही निवेशकों के 10.24 लाख करोड़ रुपये मार्केट से साफ हो गए.
ईरान और इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के असर की बात करें तो, युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक निवेशकों को 33.68 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. जिससे निवेशकों के बीच चिंता है और आगे की अनिश्चितता को लेकर भी संशय बना हुआ है.
इन सेक्टरों में बिकवाली का रहा दबाव
इस हफ्ते शेयर बाजार में कई सेक्टरों पर दबाव देखने को मिला. जिसमें सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो सेक्टर में दर्ज की गई. पूरे सप्ताह के दौरान ऑटो सेक्टर करीब 10.64 प्रतिशत टूट गया. इसके चलते ऑटो इंडेक्स 26,770 अंकों से गिरकर लगभग 24,195 के स्तर तक आ गया. बिकवाली के दबाव ने ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर छोड़ा है.
ऑटो के बाद गिरावट के मामले में पीएसयू बैंक सेक्टर दूसरे नंबर पर रहा. जिसमें करीब 7.27 फीसदी की कमजोरी आई. इसके अलावा मेटल सेक्टर 5.90 प्रतिशत, रियल एस्टेट 4.35 फीसदी, ऑयल एंड गैस 4.25 प्रतिशत और आईटी सेक्टर में लगभग 3.54 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
विदेशी निवेशक लगातार बना रहे दूरी
अनिश्चितता भरे माहौल के बीच विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से दूरी बना रहे हैं. शुक्रवार 13 मार्च को भी विदेशी निवेशकों की तरफ से जोरदार बिकवाली देखने को मिली. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एफपीआई और एफआईआई ने उस दिन करीब 10,716.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं. यह पिछले एक साल से ज्यादा समय में किसी एक दिन की सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है.
पूरे सप्ताह के आंकड़ों की बात करें तो, विदेशी निवेशकों का रुख बिकवाली की तरफ ही रहा. उन्होंने कुल मिलाकर लगभग 36,071 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर बेचे. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को कुछ सहारा दिया और इस दौरान करीब 37,740 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. इसके बावजूद भी शेयर मार्केट को सहारा नहीं मिला और प्रमुख इंडेक्स टमाटर की तरह लाल हो गए.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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