माइक्रोसॉफ्ट की सिक्योरिटी रिसर्च टीम ने कहा, हैकर्स funding जैसे शब्दों के बीच में अदृश्य कैरेक्टर्स डालकर उन्हें तोड़ देते हैं, जिससे ईमेल फिल्टर उस शब्द को पहचान नहीं पाता और फिशिंग मेल आसानी से इनबॉक्स में पहुंच जाता है। क्या है पूरा मामला, चलिए डिटेल में बताते हैं…
अदृश्य कोड का इस्तेमाल कर रहे हैकर्स
ASCII स्मगलिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें अदृश्य या न दिखने वाले यूनिकोड कैरेक्टर्स का इस्तेमाल करके संदेश या निर्देशों को सामान्य दिखने वाले टेक्स्ट के अंदर छुपाया जाता है। इससे यूजर के स्क्रीन पर टेक्स्ट बिल्कुल सामान्य दिखाई देता है क्योंकि ये कैरेक्टर्स रेंडर नहीं होते। द हैकर न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे छिपे हुए कंटेंट को ईमेल फिल्टर या एआई लैंग्वेज मॉडल गलत तरीके से असली टेक्स्ट मानकर प्रोसेस कर सकते हैं।
असली-नकली का फर्क नहीं कर पाते हैकर
यह तरीका प्रॉम्प्ट इंजेक्शन का रास्ता भी खोल सकता है क्योंकि बड़े लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) सीधे यूजर द्वारा दिए गए असली निर्देशों और किसी सामान्य दिखने वाले टेक्स्ट, डॉक्यूमेंट, ईमेल या वेब पेज में छिपे कंटेंट के बीच साफ-साफ फर्क नहीं कर पाते।
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि सबसे ज्यादा दुरुपयोग यूनिकोड टैग्स ब्लॉक (U+E0000 से U+E007F) का हो रहा है। इस ब्लॉक में प्रिंटेबल ASCII कैरेक्टर्स की एक शैडो कॉपी होती है, जैसे U+E0041 ‘A’ जैसा और U+E0061 ‘a’ जैसा दिखता है। मूल रूप से यह भाषा टैगिंग के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह ज्यादातर इस्तेमाल से बाहर हो चुका है।
फोर्ट्रा इंटेलिजेंस एंड रिसर्च एक्सपर्ट्स टीम ने सितंबर 2025 में इस फिशिंग कैंपेन की डिटेल्स बताईं। फोर्ट्रा के अनुसार, इस कैंपेन की खासियत और स्मार्टनेस इसमें है कि हमलावर बड़े पैमाने पर विश्वसनीय और कस्टम वेबसाइट्स बना सकते हैं, जो अलग-अलग नकली या नकल किए गए डोमेन के हिसाब से बदल जाती हैं। वे ActiveCampaign के एआई-पावर्ड मार्केटिंग ऑटोमेशन फीचर्स का इस्तेमाल करके डिजाइन, कंटेंट और फ्लो को अलग-अलग बनाते हैं, जिससे ज्यादा विश्वसनीय फिशिंग कैंपेन जल्दी और आसानी से तैयार हो जाते हैं।
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