फुटबॉल विश्व कप 2026 का बिगुल बजने को है, लेकिन सह-मेजबान मैक्सिको के सामने टूर्नामेंट के पहले ही दिन अपने एक बेहद खराब इतिहास को बदलने की बड़ी चुनौती है। आंकड़े गवाह हैं कि विश्व कप के ओपनिंग डे (शुरुआती दिन) पर मैक्सिको का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। अपने पिछले सात प्रयासों में टीम को पांच बार हार झेलनी पड़ी है, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे हैं। बृहस्पतिवार को मैक्सिको को इस अनचाहे सिलसिले को खत्म करने का एक और सुनहरा मौका मिलेगा, जब वह 48 टीमों वाले इस महाकुंभ के पहले दिन अपने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करेगा।
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कोच जेवियर एग्वायरे ने बुधवार को एज्टेका स्टेडियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हमें इस सिलसिले को तोड़ना होगा।’’
बिना जीत वाले इस सिलसिले के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इसके बारे में पता नहीं था लेकिन मैं खिलाड़ियों को इसके बारे में बताऊंगा। यह उन्हें यह बताने का एक अच्छा कारण है कि हमें मैदान पर उतरकर मैच जीतना है। उम्मीद है कि हम कल इस सिलसिले को तोड़ देंगे।’’
बृहस्पतिवार का मैच दक्षिण अफ्रीका में 2010 विश्व कप के उद्घाटन मैच जैसा ही है। वह मैच जोहानिसबर्ग में 1-1 से ड्रॉ हुआ था।
मैक्सिको के मैनेजर के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल संभाल रहे एग्वायरे ने टीम को वर्षों बाद अपना सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खेलते हुए देखा है और टीत सात मैच के अजेय अभियान के साथ विश्व कप में उतर रही है।
मैक्सिको को अपनी पिछली हार नवंबर में पैराग्वे के खिलाफ मिली थी।
एग्वायरे ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक शानदार दिन हो सकता है। चाहे कुछ भी हो यह एक ऐसा जश्न होगा जो दशकों तक याद रखा जाएगा।’’
एग्वायरे ने 1986 में अपने देश में हुए विश्व कप में मैक्सिको का प्रतिनिधित्व किया था तब टीम ने टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच नहीं खेला था लेकिन क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी।
मैक्सिको 1930, 1950, 1954, 1958 और 1962 विश्व कप में पहले दिन हुए अपने मैच हार गया था और 1970 (अपने देश में) और 2010 में मैच ड्रॉ रहे थे।
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