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- Mehbooba Mufti & Kiren Rijiju Controversy | Article 370 Brain Naxal Statement
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महबूबा मुफ्ती PDP की अध्यक्ष हैं। वह जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी प्रधानमंत्री मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने रविवार को कहा कि वह संविधान के आर्टिकल 370 का समर्थन करती हैं, इसलिए वह भी दिमागी नक्सल हैं।
वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा था। रिजिजू ने पोस्ट में लिखा कि दिमागी नक्सल उन लोगों को कहा गया है, जो माओवादियों के समर्थक है, भारतीय संविधान को नहीं मानते, और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं।
15 अगस्त को लाल किले से संबोधन के दौरान पीएम ने कहा था कि देश को दिमागी नक्सलियों से बचना चाहिए और ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग कर देना चाहिए।

पीएम बोले थे- देश को सतर्क रहने की जरूरत, 5 बातें…
- माओवादी सोच वाले लोगों ने सालों तक सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी। वे सरकारी समितियों में सलाहकार रहे और उन्होंने सरकारी नीतियों को प्रभावित किया।
- इस चुनौती को कम करके नहीं आंकना चाहिए। इसके लिए देश को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
- दशकों से चले आ रहे नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने लाखों युवाओं की जिंदगी और उनके सपनों को बर्बाद कर दिया।
- इस संघर्ष में 3,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान मारे गए, जो युद्धों में मारे जाने वाले सैनिकों की संख्या से काफी ज्यादा है।
- नक्सलवाद ने भारत के बहुत बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को बंदूक के दम पर अपने कब्जे में रखा था।”
कांग्रेस ने दिमागी नक्सल को खोखला बताया

कांग्रेस ने मोदी के बयान पर कहा कि दिमागी नक्सल खोखला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन एक साल पहले जाति आधारित जनगणना की घोषणा कर दी गई।
उन्होंने कहा कि पहले विरोधियों की मांगों को अपमानजनक नाम दिए जाते हैं, फिर बाद में उन्हीं मांगों को मान लिया जाता है। 12 साल बाद भी उनके राजनीतिक भाषण में कुछ नया नहीं था।
इससे पहले कांग्रेस के सीनियर लीडर पी. चिदंबरम ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।”
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80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले पर 75 मिनट की स्पीच दी। पीएम ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं।’ पूरी खबर पढ़ें…
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