फ्रांस की अपीलीय अदालत ने दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को यूरोपीय संसद फंड के दुरुपयोग मामले में दोषी तो माना, लेकिन उन पर सार्वजनिक पद संभालने की पाबंदी कम कर दी। इसके बाद ले पेन ने घोषणा की है कि वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी। पेरिस कोर्ट ऑफ अपील ने ले पेन पर लगाए गए पांच साल के चुनावी प्रतिबंध को घटाकर 45 महीने कर दिया, जिनमें से 30 महीने निलंबित रहेंगे। अदालत ने यह भी माना कि 31 मार्च 2025 से वह पहले ही प्रतिबंध की अवधि पूरी कर रही हैं। इस वजह से वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पात्र हो गई हैं। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा भी सुनाई है। इसमें दो साल की सजा निलंबित है, जबकि एक साल इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के साथ नजरबंदी में बिताना होगा। साथ ही उन पर एक लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला यूरोपीय संसद के उन फंड से जुड़ा था, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए जाते हैं। अदालत के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल फ्रांस में नेशनल रैली पार्टी के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया गया, जिससे यूरोपीय संसद को 28 लाख यूरो का नुकसान हुआ। इसी मामले में नेशनल रैली पार्टी पर भी 20 लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया, जिसमें आधी राशि निलंबित है। 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में रनऑफ तक पहुंच चुकी मरीन ले पेन को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है।
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