विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता में महिला एकल वर्ग का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष वरीय आर्यना सबालेंका को सीधे सेटों में हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इस जीत के साथ ओसाका ने पहली बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है और अब उनका सामना चेक गणराज्य की कैरोलीना मुचोवा से होगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेले गए चौथे दौर के इस मुकाबले में नाओमी ओसाका ने आर्यना सबालेंका को 6-2, 7-6 (7-2) से हराया। दोनों खिलाड़ियों के नाम मिलाकर आठ ग्रैंड स्लैम खिताब हैं, इसलिए इस मुकाबले को प्रतियोगिता के सबसे बड़े मैचों में से एक माना जा रहा था। हालांकि मैच उम्मीद से कम संघर्षपूर्ण रहा और ओसाका ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा।
पहले सेट में आर्यना सबालेंका का आक्रामक खेल पूरी तरह बिखरा हुआ नजर आया। वह लगातार गलतियां करती रहीं और केवल 32 मिनट में पहला सेट 2-6 से गंवा बैठीं। मैच के दौरान कई बार वह अपनी निराशा खुलकर जाहिर करती दिखाई दीं।
दूसरे सेट में मुकाबला जरूर अधिक रोमांचक हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और फैसला टाईब्रेकर तक पहुंचा। लेकिन यहां भी नाओमी ओसाका ने धैर्य और संयम का शानदार परिचय दिया। उन्होंने लगातार सटीक शॉट लगाए और टाईब्रेकर आसानी से अपने नाम कर लिया।
बता दें कि यह जीत नाओमी ओसाका के लिए कई मायनों में खास रही। वर्ष 2024 में अपनी बेटी शाई के जन्म के बाद उन्होंने पेशेवर टेनिस में वापसी की थी। वापसी के बाद यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। साथ ही उन्होंने ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में आर्यना सबालेंका की लगातार 21 टाईब्रेकर जीत का सिलसिला भी समाप्त कर दिया।
जीत के बाद नाओमी ओसाका ने कहा कि यह मुकाबला उनके लिए बेहद यादगार रहा। उन्होंने कहा कि यदि वह यह मैच हार भी जातीं, तब भी इसे अपने करियर के सबसे अच्छे मुकाबलों में शामिल करतीं। उनके अनुसार लंबे समय बाद उन्हें कोर्ट पर इतना आनंद आया। उन्होंने यह भी कहा कि वह इससे पहले लगातार तीन बार सबालेंका से हार चुकी थीं और इस बार वह उस रिकॉर्ड को बदलना चाहती थीं।
दूसरी ओर हार के बाद आर्यना सबालेंका काफी निराश दिखाई दीं। मैच खत्म होने के बाद उन्होंने गुस्से में गेंद को स्टेडियम के बाहर तक मार दिया। बाद में प्रेस वार्ता में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह जाकर शराब पीना चाहती हैं और कुछ समय के लिए टेनिस को भूल जाना चाहती हैं।
गौरतलब है कि आर्यना सबालेंका के बाहर होने के बाद महिला एकल का मुकाबला पूरी तरह खुल गया है। इससे पहले मौजूदा चैंपियन इगा स्वियातेक और दूसरी वरीय एलेना रिबाकिना भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुकी हैं। ऐसे में अब शीर्ष तीन वरीय खिलाड़ी विंबलडन से बाहर हो चुकी हैं और खिताब की दौड़ पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक हो गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, नाओमी ओसाका और आर्यना सबालेंका दोनों ही हार्ड कोर्ट पर चार-चार ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं। हालांकि विंबलडन की घास वाली सतह पर ओसाका का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस जीत ने यह भी साबित कर दिया कि वह अब पूरी तरह लय में लौट चुकी हैं।
अब क्वार्टर फाइनल में नाओमी ओसाका का सामना चेक गणराज्य की दसवीं वरीय खिलाड़ी कैरोलीना मुचोवा से होगा। टेनिस विशेषज्ञों का मानना है कि जिस आत्मविश्वास और आक्रामक खेल के साथ ओसाका ने शीर्ष वरीय खिलाड़ी को हराया है, उसे देखते हुए वह इस बार विंबलडन खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो गई है।
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