देश के कई शहरों में अब घरों तक पाइप से प्राकृतिक गैस पहुंचाने का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है. लोगों को एलपीजी सिलेंडर से पीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए कंपनियां और सरकार मिलकर प्रोत्साहन भी दे रही हैं. नई स्कीम के तहत कई इलाकों में पीएनजी कनेक्शन लेने पर करीब 500 रुपये तक का बोनस या बिल में छूट दी जा रही है. इससे लोगों को सस्ती और लगातार मिलने वाली गैस का फायदा मिलता है.
कई शहरों में घरेलू पीएनजी की कीमत करीब 50 से 55 रुपये प्रति एससीएम के आसपास रहती है. एक एससीएम गैस लगभग 0.8 से 0.9 किलोग्राम एलपीजी के बराबर मानी जाती है. इस वजह से कई मामलों में पीएनजी का इस्तेमाल एलपीजी से करीब 20 से 30 प्रतिशत तक सस्ता पड़ सकता है. साथ ही इसमें सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार भी नहीं करना पड़ता.
कौन सी कंपनियां दे रहीं लाभ?
एलपीजी से पीएनजी की तरफ लोगों को आकर्षित करने के लिए कई गैस कंपनियां खास स्कीम चला रही हैं. दिल्ली-एनसीआर में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने पीएनजी अपनाने वाले घरेलू ग्राहकों के लिए ऑफर दिया है. अगर वे 31 मार्च से पहले कनेक्शन लेते हैं तो उन्हें 500 रुपये की गैस मुफ्त मिलेगी. वहीं महानगर गैस लिमिटेड ने नए घरेलू पीएनजी कनेक्शन पर लगने वाला 500 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क खत्म कर दिया है. यह कंपनी मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में काम करती है. कंपनी ने कमर्शियल ग्राहकों को भी राहत देते हुए 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का सिक्योरिटी डिपॉजिट माफ करने का फैसला किया है. इसी कड़ी में GAIL गैस लिमिडेट ने भी घरेलू उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए 500 रुपये की फ्री गैस देने की घोषणा की है. इसके अलावा भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन लेने वालों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट पूरी तरह हटाने का फैसला किया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग पाइप से आने वाली गैस की सुविधा अपना सकें.
पीएनजी कनेक्शन कैसे लिया जा सकता है
सबसे पहले यह जांचना जरूरी होता है कि आपके इलाके में पीएनजी पाइपलाइन का नेटवर्क उपलब्ध है या नहीं. अगर नेटवर्क मौजूद है तो संबंधित गैस कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पता प्रमाण, फोटो और बैंक जानकारी जैसे कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. इसके बाद कंपनी की टीम घर का सर्वे करती है और मंजूरी मिलने के बाद पाइपलाइन और मीटर लगाया जाता है.
यह खबर PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन पर ₹500 का बोनस या प्रोत्साहन देने की सरकारी घोषणा से जुड़ी है. यह मुख्य रूप से PNGRB (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board) और केंद्र सरकार की तरफ से चल रही स्कीम्स का हिस्सा है, खासकर उन इलाकों में जहां PNG नेटवर्क फैलाया जा रहा है और लोगों को LPG से PNG पर शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
PNG कनेक्शन कैसे मिलेगा?
कनेक्शन की प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने क्षेत्र की गैस कंपनी (जैसे आईजीएल या एमजीएल) की वेबसाइट पर नेटवर्क की उपलब्धता चेक करें.
- कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर जाकर न्यू डोमेस्टिक कनेक्शन फॉर्म भरें.
- पहचान पत्र, पते का सबूत और बैंक डिटेल्स जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.
- रजिस्ट्रेशन के लिए 200 से 500 रुपये की फीस जमा करें जो रिफंडेबल या एडजस्टेबल होती है.
- कंपनी द्वारा तकनीकी सर्वे के बाद घर तक पाइपलाइन बिछाने और मीटर लगाने का काम किया जाता है.
खर्च और सिक्योरिटी
- इंस्टॉलेशन चार्ज के रूप में एक बार 1,000 से 2,500 रुपये तक का खर्च आता है.
- सिक्योरिटी डिपॉजिट के लिए 2,000 से 4,000 रुपये जमा करने होते हैं जो रिफंडेबल होते हैं.
- सरकार द्वारा दिया जाने वाला 500 रुपये का बोनस रजिस्ट्रेशन या पहले बिल में राहत देता है.
- महीने का बिल उपयोग के आधार पर आता है जिसका भुगतान ऑनलाइन या ऑटो-डेबिट से कर सकते हैं.
एलपीजी बनाम पीएनजी
- एलपीजी सिलेंडर का खर्च महीने में 800 से 1,000 रुपये तक होता है.
- पीएनजी का मासिक बिल औसत घरेलू इस्तेमाल पर केवल 250 से 500 रुपये आता है.
- पीएनजी के इस्तेमाल से रसोई के बजट में 50 से 70 प्रतिशत तक की बचत संभव है.
- पीएनजी में गैस खत्म होने का डर नहीं रहता और इसकी सप्लाई 24 घंटे बनी रहती है.
- हवा से हल्की होने की वजह से यह गैस सिलेंडर के मुकाबले काफी सुरक्षित मानी जाती है.
About the Author

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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