Iran-Israel war Impact: ईरान-इजलायल के बीच जंग जारी है. अमेरिका अब भी ईरान को बक्शने के मूड में नहीं है. ईरान भी पलटवार कर रहा है. पूरा मिडिल ईस्ट या यूं कहें पश्चिम एशिया युद्ध की चपेट में है. ऐसे में इसका असर भारत पर भी पड़ने लगा है. जी हां, ईरान जंग का असर अब भारतीय बाजार में साफ देखा जा रहा है. बासमती चावल के दाम गिरने लगे हैं. मिडिल ईस्ट का बाजार ठप हो चुका है. भारत का बासमती चावल जहां-तहां फंसा है.
भारतीय बाजार में बासमती चावल के दाम गिरे, लाखों टन माल फंसा मिडिल ईस्ट बाजार ठप, बंदरगाहों और समंदर में अटका भारतीय चावल
नरेश गुप्ता के मुताबिक, भारत से बासमती चावल सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि इराक, बहरीन, कुवैत, कतर समेत कई मिडिल ईस्ट देशों में जाता है. युद्ध के कारण इन देशों के लिए भेजा गया माल रास्ते में ही अटक गया है, जिससे सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है. वहीं, चावल एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष राधेश्याम गर्ग ने बताया कि युद्ध शुरू होने के साथ ही मिडिल ईस्ट का बाजार गिरना शुरू हो गया. पिछले पांच दिनों में ही बाजार करीब 10 प्रतिशत तक टूट चुका है. उनका कहना है कि हालात कब तक सामान्य होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.
चार लाख टन चावल फंसा
चावल एग्रो इंडिया के राहुल के मुताबिक, मौजूदा हालात में भारत से भेजा गया करीब चार लाख टन बासमती चावल अलग-अलग जगहों पर फंसा हुआ है. कुछ माल समुद्र में जहाजों पर रुका है, कुछ बंदरगाहों पर अटका है और कई ऑर्डर का माल अभी भी गोदामों में पड़ा है,
निर्यात में मिडिल ईस्ट की बड़ी हिस्सेदारी
भारत में बासमती चावल का मुख्य उत्पादन पंजाब और हरियाणा में होता है. खाड़ी देशों में भारत के कुल बासमती निर्यात का बड़ा हिस्सा जाता है। अकेले ईरान को करीब 25 प्रतिशत बासमती चावल निर्यात किया जाता है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने ईरान को लगभग 6,374 करोड़ रुपये का बासमती चावल निर्यात किया था.
भुगतान और शिपमेंट की नई मुश्किलें
बावान फूड प्रोसेस यूनिट के अध्यक्ष दीपक गोयल ने बताया कि हाल ही में दुबई में हुए फूड एक्सपो से उन्हें बड़ी संख्या में चावल निर्यात के ऑर्डर मिले थे और इस साल कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी. लेकिन युद्ध के कारण हालात बदल गए हैं. अमेरिकी प्रतिबंधों और तनाव की वजह से ईरानी खरीदारों से भुगतान मिलने में भी अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके अलावा जहाजों के लिए बीमा मिलना मुश्किल हो गया है, जिससे शिपमेंट रुक रही हैं.
देश में भी गिरने लगे दाम
निर्यात में रुकावट के कारण भारत में बासमती चावल की कीमतें करीब 10 प्रतिशत तक गिर गई हैं. दिलचस्प बात यह है कि फरवरी महीने में मजबूत निर्यात मांग के चलते बासमती चावल की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई थी. लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया है. बता दें कि पिछले एक सप्ताह से ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जंग जारी है. हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और युद्ध और खतरनाक होता जा रहा है.
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Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें
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