इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो 18 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही. एशिया के कई बाजार लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण बंद रहे. स्पॉट गोल्ड की कीमत 4,901 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी, जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमत एशियाई ट्रेडिंग घंटों में 1% से ज्यादा गिरकर 72.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. सोने की कीमत अभी भी अपने ऑल-टाइम हाई 5,626.80 डॉलर प्रति औंस से 15% नीचे है. वहीं चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई 121.78 डॉलर प्रति औंस से 67% नीचे चल रही है.
आज सोना और चांदी की कीमतों में तेजी क्यों आई?
मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से डॉलर में कीमत तय होने वाली कमोडिटी दूसरे देशों के निवेशकों के लिए महंगी हो गई. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.40% बढ़कर 97.28 पर पहुंच गया, जिससे धातुओं की तेजी पर असर पड़ा. साथ ही, प्रमुख एशियाई बाजारों चीन, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान और दक्षिण कोरिया में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण बाजार बंद रहे. अब निवेशकों की नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की जनवरी बैठक की मिनट्स पर है, जो बुधवार को जारी होंगी. इससे आगे की ब्याज दर नीति के संकेत मिल सकते हैं. भूराजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता होने वाली है. फिलहाल किसी बड़ी प्रगति के संकेत नहीं मिले हैं, जबकि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है.
अलग-अलग शहरों में आज सोने-चांदी का भाव
चांदी की कीमत में एक दिन की स्थिरता के बाद फिर से गिरावट शुरू हो गई है. लगातार तीन दिनों में एक किलो चांदी ₹15,100 सस्ती हो चुकी है. आज 18 फरवरी को दिल्ली में चांदी ₹2,59,900 प्रति किलो बिक रही है. आज इसमें ₹100 प्रति किलो की और कमी आई है. मुंबई और कोलकाता में भी चांदी इसी कीमत पर मिल रही है. वहीं चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है, यानी चारों बड़े शहरों में सबसे ज्यादा कीमत चेन्नई में है. इसके अलावा सोने की बात करें तो दिल्ली में 1,54,340 रुपये 24 कैरेट प्रति 10 ग्राम का है. इसके अलावा मुंबई में 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड भाव ₹1,54,190 पर है. कोलकाता और बेंगलुरू में ₹1,54,190 पर है.
सोने-चांदी की कीमतों में आगे होगी बढ़त?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें कुछ समय तक एक सीमित दायरे में चल सकती हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिकी GDP के आंकड़े, PCE महंगाई डेटा और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों पर बाजार की खास नजर रहेगी, जिससे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. उनका मानना है कि साफ दिशा नहीं मिलने की वजह से बुलियन बाजार अभी कंसोलिडेशन के दौर में है. ट्रेडर्स कीमतों की अगली चाल को लेकर बंटे हुए हैं और नए बड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं.
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