विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव का शुरू हो चुका है। हालांकि शुक्रवार को पहले ही दिन मंच पर ऐसी परिस्थिति बनी, जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। दरअसल, शुभारंभ समारोह में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भाषण देने मंच पर पहुंचे। समय शाम 6:30 बजे तय था, लेकिन मुख्य अतिथि और अन्य मंत्री देर से समारोह में पहुंचे। दर्शक दीर्घा में बैठे देसी और विदेशी पर्यटक लंबे समय तक इंतजार कर रहे थे। समारोह लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे कई लोगों का धैर्य जवाब दे गया। देरी से शुरू होने के बाद भी मंच पर कलाकारों ने प्रस्तुति देकर महोत्सव की भव्यता बनाए रखी। दर्शकों ने रंग-बिरंगे नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उत्सव का स्वागत उत्साहपूर्वक किया। यह महोत्सव 26 फरवरी तक चलेगा। भाषण के बीच ‘गो बैक’ के नारे लगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 16 मिनट तक अपना संबोधन दिया। सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी 3 मिनट तक अपनी बात रखी। जब संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण शुरू हुआ, तो दर्शक बुरी तरह भड़क गए। पर्यटकों को नृत्य का इंतजार था, लेकिन नेताओं के लंबे भाषणों ने उनका सब्र तोड़ दिया। देखते ही देखते सामने बैठी भीड़ ‘गो बैक’ के नारे लगाने लगी और चारों तरफ से ‘हो-हो’ का शोर सुनाई देने लगा। हूटिंग के बावजूद मंत्री जी का भाषण हैरानी की बात यह रही कि इतनी भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी अपना भाषण देते रहे। वे करीब 6 मिनट तक बोले और अंत में जब शोर और बढ़ा, तो वे चार पंक्तियां सुनाने की जिद पर अड़ गए। दर्शकों की पीड़ा समझते हुए उन्होंने मंच से यह तो स्वीकार किया कि लोग कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिर भी बिना अपनी कविता सुनाए और जयकारे लगवाए बगैर वे मंच से नीचे नहीं उतरे। विदेशी बोले- हम अनुभव को जीना चाहते थे इस पूरे घटनाक्रम पर वहां मौजूद विदेशी पर्यटकों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इटली के फ्लोरेंस से आए एलेसांद्रो ने कहा कि हम इटली में माहौल को महसूस करने और नृत्य देखने के आदी हैं, न कि लंबे भाषण सुनने के। हम अनुभव को जीना चाहते थे। वहीं उनकी साथी जूलिया ने कहा- यह जगह और माहौल बेहद शानदार है, लेकिन मंत्री जी ने शायद कुछ ज्यादा ही बातें कर दीं। हम वास्तव में केवल नृत्य देखना चाहते थे।
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