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2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी की ज़बरदस्त जीत पर बात करते हुए, स्टार्मर ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने आर्थिक विकास, बढ़ती मज़दूरी, ज़्यादा निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, NHS की वेटिंग लिस्ट में कमी, कामगारों और किराएदारों के बेहतर अधिकार, रक्षा पर ज़्यादा खर्च, छोटी नावों से होने वाली आवाजाही में कमी और बच्चों की ग़रीबी से निपटने की कोशिशों का ज़िक्र किया। स्टारमर ने अपनी सरकार के कामकाज का ब्योरा देते हुए कहा कि मैंने जो भी फ़ैसला लिया है, उसमें हमेशा उस देश को प्राथमिकता दी है जिससे मैं प्यार करता हूँ। हमारी अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई है और हम अपने साथियों की तुलना में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। जब से हम सत्ता में आए हैं, हर महीने महंगाई की तुलना में वेतन तेज़ी से बढ़ा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने एक पीढ़ी में कामगारों और किराएदारों के अधिकारों में सबसे बड़ा सुधार किया है, कोल्ड वॉर के बाद से रक्षा खर्च में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी की है, और नीतिगत फैसलों के ज़रिए पाँच लाख बच्चों को गरीबी से बाहर निकाला है।
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हालांकि, कई विवादों, नीतियों में बदलाव और लोगों का समर्थन घटने की वजह से स्टारमर पर महीनों से लगातार दबाव बना हुआ था। लेबर पार्टी के अंदर और बाहर के आलोचकों ने उनकी सरकार पर आरोप लगाया कि वह 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों के मुताबिक लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में नाकाम रही। यह दबाव तब और बढ़ गया जब लेबर पार्टी के ही प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहम ने संसदीय सीट जीती, जिससे उन्हें औपचारिक रूप से नेतृत्व को चुनौती देने का मौका मिल गया। लेबर पार्टी के 100 से ज़्यादा सांसदों जो हाउस ऑफ़ कॉमन्स में पार्टी के प्रतिनिधियों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्टारमर से इस्तीफ़ा देने या पद छोड़ने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग की थी। स्टारमर के हटने का मतलब है कि यूके को एक दशक से कुछ ज़्यादा समय में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है, जो पिछले लगभग दो सदियों में नेतृत्व में सबसे ज़्यादा बदलाव को दर्शाता है। शीर्ष स्तर पर बार-बार होने वाले ये बदलाव, लगातार सरकारों की उन लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को हल करने में नाकामी को लेकर लोगों की बढ़ती निराशा को दिखाते हैं, जिनमें सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव, आर्थिक चिंताएं और अवैध आप्रवासन जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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