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डेटा और एनालिटिक्स कंपनी कांतर और दैनिक भास्कर ने भारत के उभरते उपभोक्ता बाजारों पर बेस्ड पहली रिपोर्ट ‘अर्बन भारत-इंडियाज कंजम्प्शन स्टोरी’ लॉन्च की। आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने रिपोर्ट की लॉन्चिंग की।
यह अपनी तरह की पहली रिपोर्ट है, जो कंपनियों, ब्रांड्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को भारत के तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजारों को समझने में मदद करेगी। रिपोर्ट में मुंबई और दिल्ली को छोड़कर 50 शहरों का अध्ययन किया गया है। इसमें लोगों की खरीदारी की मांग, बढ़ती आकांक्षाओं और प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान का विश्लेषण किया गया है।
हर्ष गोयनका ने कहा कि अब तक टियर-2 और टियर-3 शहरों के उपभोक्ता बाजारों को लेकर भरोसेमंद डेटा की कमी थी। कांतर और दैनिक भास्कर जैसी विश्वसनीय संस्थाओं की यह रिपोर्ट व्यवसायों और मार्केटर्स को भारत के बदलते उपभोक्ता परिदृश्य को समझने में मदद करेगी।

दैनिक भास्कर के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल बोले- कंपनियों को नए मार्केट की पहचान मिलेगी
दैनिक भास्कर ग्रुप के प्रमोटर डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल ने कहा- भारत में खपत (कंजम्प्शन) के दम पर होने वाली आर्थिक बढ़ोतरी अब तेजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रही है। लेकिन अब तक ऐसी कोई भरोसेमंद स्टडी नहीं थी, जो इन शहरों की क्षमता को सामने लाए।
इसी वजह से हमने कांतर के साथ मिलकर ‘अर्बन भारत – इंडियाज कंजम्प्शन स्टोरी’ रिपोर्ट तैयार की है। इसमें दैनिक भास्कर की भारत की गहरी समझ और कांतर के उपभोक्ता सर्वे को जोड़ा गया है। यह रिपोर्ट कंपनियों और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को नए और तेजी से बढ़ते बाजारों की पहचान करने और वहां बेहतर रणनीति बनाने में मदद करेगी।
उन्होंने आगे कहा, इस रिपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत ‘अर्बन भारत सिटी ऑपर्च्युनिटी इंडेक्स’ है। यह एक खास फ्रेमवर्क है, जो देश के उभरते शहरों को उनकी विकास क्षमता के आधार पर पहचानता और रैंकिंग देता है। इससे कंपनियां तय कर सकेंगी कि किस शहर में पहले निवेश करना है, अपनी मार्केटिंग रणनीति कैसे बनानी है और नए बाजारों में बेहतर मौके कैसे तलाशने हैं।

कांतर के डायरेक्टर बोले- कंपनियां जानेंगीं, बड़े अवसर कहां
कांतर के डायरेक्टर (B2B एवं टेक्नोलॉजी) बिस्वप्रिय भट्टाचार्जी ने कहा कि यह रिपोर्ट बताती है कि भारत के उभरते शहर किस तरह तेजी से विकसित हो रहे हैं। साथ ही, इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रीमियम उत्पादों और बढ़ती आकांक्षाओं के बीच कंपनियों के लिए सबसे बड़े अवसर कहां मौजूद हैं।
रिपोर्ट की 6 प्रमुख बातें…
- मुंबई और दिल्ली को छोड़कर 50 संभावनाशील शहरों का अध्ययन।
- हिंदी भाषी राज्यों, महाराष्ट्र और गुजरात के शहर शामिल।
- इन शहरों की आबादी करीब 14.9 करोड़, जो भारत की शहरी आबादी का लगभग एक-तिहाई है।
- 11 प्रमुख सेक्टरों में उपभोग के बदलते रुझानों का विश्लेषण।
- Urban Bharat City Opportunity Index के जरिए सबसे अधिक विकास क्षमता वाले शहरों की रैंकिंग।
- रिपोर्ट ब्रांड्स, मार्केटर्स, कंपनियों और नीति-निर्माताओं के लिए रणनीतिक मार्गदर्शिका के रूप में तैयार की गई है।
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