ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से कगिसो रबाडा चोट के कारण बाहर हो गए हैं। वे टेस्ट सीरीज में भी खेलेंगे या नहीं इसको लेकर भी संशय बना हुआ है क्योंकि चोट 9 से 10 हफ्ते में ठीक होने की बात कही गई है।
रविवार को अफ़्रीकी भाषा की वेबसाइट ‘रैपोर्ट’ ने एलन डोनाल्ड (जो लायंस टीम में रबाडा के बॉलिंग कोच हैं) के हवाले से कहा, “हमारे फिजियो ने पुष्टि की है कि दाहिनी हैमस्ट्रिंग में ग्रेड-3 टियर (गंभीर चोट) के कारण वह 9 या 10 हफ़्ते तक खेल से दूर रहेंगे।” इससे उस अस्पष्ट बयान में काफ़ी स्पष्टता आ गई।
अगर यह सच है, तो रबाडा अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ दक्षिण अफ्रीका के तीन टेस्ट मैचों में से ज़्यादातर या सभी मैचों से बाहर हो सकते हैं। 21 अगस्त से 10 हफ़्ते गिनने पर 16 अक्टूबर की तारीख आती है। सीरीज़ 9 अक्टूबर को किंग्समीड में शुरू होगी और 31 अक्टूबर को न्यूलैंड्स में खत्म होगी।
पुष्टि के लिए पूछे जाने पर सीएसए ने कहा, “रबाडा अभी सीएसए मेडिकल टीम की कड़ी निगरानी में दाहिनी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने (रिहैबिलिटेशन) की शुरुआती प्रक्रिया से गुज़र रहे हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ 24 से 30 सितंबर तक होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में नहीं खेल पाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में उनके खेलने पर फ़ैसला उनके ठीक होने की रफ़्तार पर निर्भर करेगा और उनके चयन पर फ़ैसला सीरीज़ के नज़दीक लिया जाएगा।”
रबाडा दक्षिण अफ्रीका के सक्रिय गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं; उन्होंने अपने 73 टेस्ट मैचों में 22.03 की औसत से 340 विकेट लिए हैं। वे अपनी टीम के अटैक के मुख्य खिलाड़ी हैं, खासकर उन तेज़ पिचों पर जहाँ उनकी टीम अगले जून में ओवल में होने वाले डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले ज़्यादातर मैच खेलेगी। फ़ाइनल में जगह पक्की करने के लिए दक्षिण अफ़्रीका को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ (सभी घरेलू मैदान पर) और श्रीलंका में नवंबर से अगले साल मार्च के बीच खेले जाने वाले 10 टेस्ट मैचों में से सात जीतने होंगे।
अक्टूबर में पाकिस्तान में हुई दो मैचों की ड्रॉ सीरीज़ में रबाडा ने 56 ओवर में सिर्फ़ चार विकेट लिए थे। एक महीने बाद भारत में दक्षिण अफ़्रीका की 2-0 से जीत के दौरान वे पसली की चोट के कारण बाहर हो गए थे। लेकिन पिछले जून में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मिली पाँच विकेट की जीत में उनकी भूमिका अहम थी, जब उन्होंने 5/51 और 4/59 के आंकड़े दर्ज किए थे।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज में लगेगा बड़ा झटका
ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के लिए उनके टैलेंट, स्किल, अनुभव और मौजूदगी का न होना एक बड़ा झटका होगा। उनके ख़िलाफ़ अपनी एकमात्र अन्य घरेलू सीरीज़ – मार्च और अप्रैल 2018 की विवादित ‘सैंडपेपरगेट’ सीरीज़ – में वे दोनों टीमों में सबसे अच्छे बॉलर थे और उन्होंने 19.26 की औसत से 23 विकेट लिए थे। उन्होंने किंग्समीड में पहले टेस्ट में नौ और सेंट जॉर्ज पार्क में दूसरे मैच में 11 विकेट लिए थे।
लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के पास तेज़ गेंदबाज़ों की अच्छी-खासी फ़ौज है, भले ही नांद्रे बर्गर पीठ की चोट के कारण बाहर हों। गेराल्ड कोएत्ज़ी को भी कई तरह की चोटों का सामना करना पड़ा है, लेकिन वे अभी फ़िट हैं और ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – पिछले हफ़्ते प्रिटोरिया में दक्षिण अफ़्रीका और बांग्लादेश ए टीमों के बीच चार दिन के मैच में उन्होंने 11 और 7.2 ओवर फेंके और 3/31 व 1/29 के आंकड़े हासिल किए।
जून में इंग्लैंड के दौरे पर बीस साल के क्वेना माफ़ाका के आत्मविश्वास और कंट्रोल में काफ़ी सुधार दिखा, जब उन्होंने दो लिस्ट ए मैचों में 4.23 की इकॉनमी रेट से तीन विकेट लिए। शनिवार को विंडहोक में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 ट्राई-सीरीज़ मैच में उन्होंने अपने सभी ओवर फेंके और 1/24 के आंकड़े हासिल किए। रबाडा के नए-बॉल पार्टनर मार्को यानसन के जुड़वां भाई, डुआन यानसन ने नामीबिया में अपने इंटरनेशनल करियर की अच्छी शुरुआत की। उन्होंने शुक्रवार को मेजबान टीम के खिलाफ 32 रन देकर 2 विकेट लिए और एक दिन बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ 45 रन देकर 3 विकेट लिए।
इसके अलावा, व्हाइट-बॉल क्रिकेट में लुंगी एनगिडी की स्लोअर बॉल पर महारत टेस्ट क्रिकेट में कैसी काम आएगी, इसे लेकर भी काफी उत्सुकता है। इन सब बातों के बावजूद, यह सच है कि रबाडा दक्षिण अफ्रीका के सबसे अच्छे तेज़ गेंदबाज़ हैं। लेकिन यह भी सच है कि दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं।
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