अन्नामलाई ने अपने नए राजनीतिक आंदोलन की रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि यह आंदोलन आगे चलकर एक राजनीतिक दल का रूप लेगा और वर्ष 2031 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा.
‘एक मुख्यमंत्री तमिलनाडु नहीं बदल सकता’
अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु के लोग यह मान रहे हैं कि एक व्यक्ति सब कुछ बदल सकता है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है. उन्होंने कहा, “एक मुख्यमंत्री तमिलनाडु को नहीं बदल सकता. न ही 234 विधायक और न ही 39 सांसद अकेले राज्य की स्थिति बदल सकते हैं.”
अन्नामलाई का यह बयान ऐसे समय आया है जब अभिनेता से राजनेता बने विजय ने राजनीति में प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
पंचायत से लेकर शीर्ष स्तर तक बदलाव की जरूरत
अन्नामलाई ने कहा कि अगर तमिलनाडु को बदलना है तो पंचायत प्रतिनिधियों, पार्षदों, महापौरों और शीर्ष नेतृत्व तक पूरी व्यवस्था में बदलाव करना होगा.
उन्होंने कहा, “हमें आम आदमी की राजनीति को मजबूत करना होगा, व्यक्तिपूजा की राजनीति को नहीं.” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में साफ-सुथरी छवि वाले लोगों को लाने की जरूरत है.
‘ईमानदार और सक्षम लोगों को राजनीति में लाना होगा’
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने कहा कि राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए पूरी व्यवस्था में बदलाव जरूरी है. उन्होंने कहा, “हमें ईमानदार, सक्षम और कुशल लोगों को राजनीति में लाना होगा, जो योजनाओं को पूरा कर सकें और परियोजनाओं को जमीन पर उतार सकें.”
10 घंटे में 10 लाख लोग आंदोलन से जुड़े
अन्नामलाई ने दावा किया कि उनके नए राजनीतिक आंदोलन को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आंदोलन शुरू होने के महज 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने सदस्यता ली.
उन्होंने लिखा, “हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. 10 घंटे में 10 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है. यह हमारी साझा सोच और मिशन पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.” साथ ही उन्होंने आंदोलन से जुड़ने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया.
‘पार्टी में नहीं होंगे स्थायी विधायक, सांसद या मंत्री’
अन्नामलाई ने कहा कि उनका नया आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है. इसका नाम “वी द लीडर” रखा गया है और यह कोयंबटूर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स के तहत काम करेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में यही आंदोलन राजनीतिक दल का रूप लेगा और चुनाव लड़ेगा.
अन्नामलाई ने बताया कि उनकी पार्टी बनने के साथ ही स्पष्ट नियम लागू किए जाएंगे. उन्होंने कहा, “कोई स्थायी नेता नहीं होगा, कोई स्थायी विधायक नहीं होगा, कोई स्थायी सांसद नहीं होगा और कोई स्थायी मंत्री नहीं होगा.” उनका कहना था कि राजनीति में नए लोगों के लिए लगातार अवसर बनते रहने चाहिए.
‘तमिलनाडु की राजनीति ठहराव का शिकार हो गई है’
अन्नामलाई ने कहा कि राज्य की राजनीति में लंबे समय से ठहराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है और उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति से बड़ा होगा. उन्होंने कहा कि आंदोलन उनके व्यक्तिगत नेतृत्व से ऊपर होगा और इसका उद्देश्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है.
PM मोदी का सम्मान करूंगा, लेकिन असहमति भी जताऊंगा
अपने संबोधन में अन्नामलाई ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते रहेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर साहस के साथ अपनी असहमति भी जताएंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा छोड़ने का फैसला उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आमने-सामने मिलकर साझा किया था. अन्नामलाई ने कहा कि उनकी भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं है और अब वह भाजपा को उसी तरह देखेंगे जैसे अन्य राजनीतिक दलों को देखते हैं.
‘तमिलनाडु में नई पार्टी के लिए पर्याप्त जगह है’
अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु में नई राजनीतिक शक्ति के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं. उन्होंने कहा, “हमें व्यक्तिपूजा की राजनीति से बाहर निकलना होगा. यह आम आदमी की राजनीति होगी और सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.” उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में राजनीतिक रिक्तता पैदा हुई है क्योंकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों अपने बड़े नेताओं को खो चुके हैं.
विजयकांत के साथ इंटर्नशिप से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा
अन्नामलाई ने अपनी राजनीतिक यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में उन्होंने आईआईएम लखनऊ में एमबीए की पढ़ाई के दौरान दिवंगत अभिनेता और डीएमडीके संस्थापक विजयकांत के चुनाव अभियान में तीन महीने की इंटर्नशिप की थी. उन्होंने कहा कि संस्थान से विशेष अनुमति लेकर वह सीधे विजयकांत के साथ लोकसभा चुनाव अभियान में जुड़े थे. अन्नामलाई के अनुसार यही अनुभव उनकी सार्वजनिक जीवन और राजनीति की 17 वर्ष लंबी यात्रा की शुरुआत बना.
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अन्नामलाई ने यह भी खुलासा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले उनकी अभिनेता रजनीकांत से लंबी चर्चा हुई थी. उन्होंने बताया कि उस समय उनके सामने तीन विकल्प थे, तमिलनाडु के हित, रजनीकांत के हित और उनका अपना भविष्य. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में उन्हें लगा कि रजनीकांत का राजनीति से दूर रहना बेहतर होगा. अन्नामलाई ने बताया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष से किया गया अपना वादा निभाने के लिए वर्ष 2020 में भाजपा जॉइन की थी. उन्होंने कहा, “मैंने रजनीकांत से माफी भी मांगी थी. मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है.”
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