किसके लिए आईपीओ में कितना हिस्सा
इश्यू का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के आरक्षित रहेगा। 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के रिजर्व है। एनआईआई के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। यह मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है। मौजूदा निवेशक एक भी शेयर नहीं बेच रहे हैं।
आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी
कंपनी आईपीओ से जुटाए 683.24 करोड़ रुपये का उपयोग मौजूदा उधारी को चुकाने के लिए करेगी। इसके अलावा 728.69 करोड़ रुपये का उपयोग सब्सिडियरी के लिए किया जाएगा। वहीं, अन्य बचा पैसा जनरल कॉरपोरेट कार्यों के लिए होगा। इस आईपीओ का साइज 1800 करोड़ रुपये का है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज और कैपिटल मार्केट्स, जेएम फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा बैंक को बुर रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। केफिन टेक्नोलॉजी को कंपनी ने रजिस्ट्रार बनाया है।
15 साल पुरानी है कंपनी (Juniper Green Energy IPO details)
इस कंपनी की शुरुआत 2011 में हुई थी। कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करती है। Juniper Green Energy सोलर, विंड, विंड सोलर हाइब्रिड के साथ-साथ बैटरी से जुड़ा काम भी करती है। 30 जून 2026 तक के डाटा के अनुसार कंपनी के पास कुल 7910.20 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो था।
ग्रे मार्केट में सुस्त है चाल (Juniper Green Energy GMP Today)
इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में कंपनी का आईपीओ जीरो रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में बीते कई दिनों से कोई भी हलचल नहीं है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
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