केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए घोषित प्रमुख परियोजनाओं और पहल की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने इनके समयबद्ध क्रियान्वयन, विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और मापनीय परिणाम हासिल करने पर खास जोर दिया। नड्डा ने अपने मंत्रालय के अलग-अलग विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों का जायजा लिया और इस बात पर जोर दिया कि बजट में की गई घोषणाओं को तय समय-सीमा के भीतर ठोस कार्यक्रमों, मजबूत संस्थानों और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल में बदला जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, मंत्री ने जिला अस्पतालों में आपात सेवा एवं ट्रॉमा-केयर सेंटर बनाकर और उन्हें मजबूत करके आपात सेवा और ट्रॉमा-केयर क्षमता को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की पहल की प्रगति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि बजट के बाद आयोजित वेबिनार के पश्चात अवसंरचना, दवाओं, जांच सुविधाओं एवं गुणवत्ता, मानव संसाधन, अकादमिक विस्तार और क्षमता आदि की समीक्षा के लिए तीन समितियां बनाई गईं। बयान में कहा गया है कि भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक के आधार पर जिला अस्पतालों का एक विस्तृत ‘गैप एनालिसिस’ भी पूरा कर लिया गया है।
मरीजों की संख्या, अवसंरचना और कुल तैयारी के आधार पर 613 जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में रखा गया है। इनमें से 160 जिला अस्पतालों की पहचान पहले चरण के लिए की गई है और उन्हें मार्च 2027 तक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
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