विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से 288 भारतीय अब भी लापता हैं। केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत दक्षिणी राज्यों के लापता या फंसे लोगों का ब्यौरा इस प्रकार है:
केरलम:
‘नॉन-रेजिडेंट केरलाइट्स अफेयर्स’ (नोरका) रूट्स ने बृहस्पतिवार को बताया कि बच्चों समेत केरलम के 53 लोग विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में फंसे हुए हैं। नोरका रूट्स, केरलम सरकार की वह एजेंसी है जो विदेशों में रहने वाले राज्य के लोगों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण से संबंधित सेवाओं का समन्वय करती है।
तमिलनाडु:
तमिलनाडु और पुडुचेरी से कुल 106 लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। इनमें से 20 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 37 अब भी लापता हैं। सरकार ने कहा कि चेन्नई से रवाना हुए अन्य 49 लोगों का पता लगाया जा रहा है।
कर्नाटक:
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के कार्यालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि कर्नाटक के कम से कम 13 लोग नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें से 11 बेंगलुरु शहरी जिले के हैं। आंध्र प्रदेश:
अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के अब तक 41 लोगों की पहचान नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे लोगों के रूप में हुई है।
इनमें से 34 सुरक्षित हैं, जबकि सात अन्य का अभी पता नहीं चल पाया है। तेलंगाना:
तेलंगाना सरकार राज्य के उन 22 लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिनके बारे में नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद से कोई जानकारी नहीं है। एक विज्ञप्ति में कहा गया कि प्राप्त जानकारी की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद 23 लोगों से जुड़े 20 मामलों की पहचान आगे की कार्रवाई और समन्वय के लिए की गई है।
इन 23 लोगों में छह तेलंगाना के निवासी हैं, जबकि 17 तेलंगाना मूल के अनिवासी भारतीय हैं। विज्ञप्ति में कहा गया कि रंगा रेड्डी जिले का एक व्यक्ति सुरक्षित है और उसने अपने परिवार से संपर्क कर लिया है। वह कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया था।
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