टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर ने वेस्टइंडीज के दिग्गज कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ते हुए इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल कर लिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ उन्होंने अपनी टीम मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को वेल्श फायर के खिलाफ शानदार जीत भी दिलाई और लगातार तीन हार के बाद टीम की जीत का रास्ता खोला।
मौजूद जानकारी के अनुसार, द हंड्रेड प्रतियोगिता में खेले गए इस मुकाबले में जोस बटलर ने केवल 20 गेंदों में नाबाद 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में छह छक्के और दो चौके शामिल रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मार्को यानसन के एक ओवर में लगातार तीन छक्के लगाए। पहला छक्का लगाते ही उन्होंने कीरोन पोलार्ड के 14,803 टी20 रनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
बता दें कि इस फॉर्मेट में द हंड्रेड प्रतियोगिता के आंकड़े भी टी20 रिकॉर्ड में शामिल किए जाते हैं। इस पारी के बाद जोस बटलर टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। मुकाबले के बाद उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज बनना गर्व की बात है, लेकिन हर रिकॉर्ड एक दिन टूटता है।
गौरतलब है कि जोस बटलर ने भविष्य के बारे में भी दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि आने वाले वर्षों में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी उनका यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। हाल के समय में वैभव सूर्यवंशी ने अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेजी से पहचान बनाई है और उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा है।
बटलर ने यह भी कहा कि वह चाहते थे कि यह रिकॉर्ड पिछले मुकाबले में ही बन जाता, क्योंकि उस समय कीरोन पोलार्ड विपक्षी टीम के साथ डगआउट में मौजूद थे। उन्होंने पोलार्ड सहित टी20 क्रिकेट के सभी महान खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े नामों के बीच अपना नाम सबसे ऊपर देखना उनके लिए बेहद खास पल है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जोस बटलर का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा था। टी20 विश्व कप के दौरान उन्होंने आठ पारियों में केवल 87 रन बनाए थे, जिसके बाद उनके भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि उन्होंने कठिन दौर से बाहर निकलते हुए एक बार फिर शानदार लय हासिल की है। बटलर ने कहा कि क्रिकेट में परिस्थितियां बहुत तेजी से बदलती हैं और खिलाड़ी के सामने केवल दो विकल्प होते हैं, या तो हार मान ले या फिर लगातार मेहनत करके अपनी पुरानी लय वापस हासिल करे।
इस मुकाबले में एडेन मार्करम की गैरमौजूदगी में जोस बटलर ने टीम की कप्तानी भी संभाली। टिम साइफर्ट के साथ उनकी साझेदारी ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को मजबूत शुरुआत दिलाई। पॉल वाल्टर ने भी तेज 37 रन बनाए, जिससे टीम का रन गति लगातार ऊंचा बना रहा।
दूसरी ओर वेल्श फायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए। फिल सॉल्ट और मैट शॉर्ट ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। गस एटकिंसन और जोश टंग ने अंतिम ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए लगातार विकेट हासिल किए। जवाब में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने केवल एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत से टीम ने न केवल लगातार तीन हार का सिलसिला तोड़ा, बल्कि अंक तालिका में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली। वहीं जोस बटलर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल हैं और उनका यह नया विश्व रिकॉर्ड लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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