क्या विटामिन D की पूर्ति के लिए सिर्फ सूर्य की रोशनी में बैठना काफी है?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सूर्य की रोशनी में विटामिन डी को प्राप्त करने का एक प्राकृतिक सोर्स है। गौरतलब, जब व्यक्ति की त्वचा अल्ट्रावॉयलेट बी किरणों के संपर्क में आती है, तो वह इस विटामिन को बनाना शुरु करती है। कई लोग धूप में बैठते हैं, लेकिन आजकल की खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण विटामिन डी की कमी देखने को मिल ही जाती है। इसलिए अपना लाइफस्टाइल सुधारन की काफी जरुरत है।
विटामिन डी की कमी से कौन से रोग हो सकते हैं?
खासकर विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है। वहीं, बच्चों में रिकेट्स, वयस्कों को ऑस्टियोमलेशिया और बुजुर्गों को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, लंबे समय विटामिन डी की कमी होने से हड्डियों का फ्रेक्चर होने का जोखिम बढ़ जाता है। विटामिन डी की कमी से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे व्यक्ति तो बार-बार इफेंक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
विटामिन D की कमी को कैसे दूर करें?
विटामिन डी की कमी को रोकने को लिए सबसे पहले अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करें। साथ ही सप्ताह में तीन से चार बार सुबह या शाम के समय सूर्य की रोशनी में करीब 15 से 30 मिनट तक जरुर लें। इस तरह से विटामिन डी का स्तर नेचुरल रुप से बढ़ता है। अक्सर विटामिन डी का खतरा प्रेग्नेंट महिलाओं, बुजुर्गों, अधिक वजन और सूर्य की रोशनी में नहीं बैठने वाले लोगों को होता है। अगर आप काफी समय से विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर जरुर दिखाएं।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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